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एमपी में इंजीनियर-इन-चीफ पर 50 हजार का जुर्माना, कड़े रुख से मची खलबली

Gwalior highcourt News -जल संसाधन विभाग के ईएनसी पर लगाया जुर्माना, अवमानना याचिका में ग्वालियर कोर्ट ने दिया आदेश

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Gwalior Highcourt Fine

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Gwalior highcourt News- मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने प्रदेश के एक वरिष्ठ अधिकारी पर कड़ा रुख अपनाया है। पूर्व आदेश का पालन न करने पर जल संसाधन विभाग के प्रमुख इंजीनियर- इन-चीफ (ईएनसी) विनोद कुमार देवड़ा को फटकार लगाई है। उनपर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आदेश के पालन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके लिए इंजीनियर इन चीफ को एक सप्ताह की अंतिम मोहलत दी है। राज्य की ओर से अधिवक्ता ने 24 अगस्त 2024 के आदेश के पालन के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी जिसे कोर्ट ने सशर्त स्वीकार किया।

अवमानना याचिका पर ग्वालियर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। मामले की सुनवाई के दौरान जल संसाधन विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ विनोद कुमार देवड़ा स्वयं कोर्ट में उपस्थित हुए थे। हाईकोर्ट ने आदेश के पालन नहीं करने पर सख्ती दिखाई और फटकार लगाते हुए ईएनसी पर जुर्माना भी ठोंक दिया।

एक सप्ताह के भीतर आदेश का पूर्ण पालन, साथ ही 50 हजार रुपए की राशि उसी दिन याचिकाकर्ता को भुगतान करना अनिवार्य

हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर आदेश का पूर्ण पालन किया जाए। साथ ही 50 हजार रुपए की राशि उसी दिन याचिकाकर्ता को भुगतान करना अनिवार्य किया गया है। यह भी स्पष्ट किया गया कि भुगतान की रसीद उसी दिन कोर्ट में प्रस्तुत करना होगी।

माधव टाइगर रिजर्व व झीलों की सफाई पर भी हाईकोर्ट सख्त

ग्वालियर हाईकोर्ट ने एक अन्य मामले में भी सख्ती दिखाई। माधव टाइगर रिजर्व और उससे जुड़ी झीलों की सफाई एवं रखरखाव को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट लगातार सख्त निगरानी बनाए हुए है। सोमवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से अब तक की प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा, जिस पर अधिकारियों ने किए गए कार्यों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया।

जल आपूर्ति की मुख्य ट्रंक लाइन और वितरण लाइन की कुल लंबाई में से लगभग 43 किलोमीटर की सफाई का कार्य पूरा

सुनवाई के दौरान पीएचई विभाग के मुख्य अभियंता विनोद कुमार छारी (ग्वालियर जोन) और कार्यपालन यंत्री शुभम अग्रवाल (शिवपुरी डिवीजन) व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि जल आपूर्ति की मुख्य ट्रंक लाइन और वितरण लाइन की कुल लंबाई में से लगभग 43 किलोमीटर की सफाई का कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष 52 किलोमीटर का काम शीघ्र पूरा किया जाएगा। यह मामला आदित्य राज पांडेय द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें माधव टाइगर रिजर्व, चांदपाठा और झील की सफाई व संरक्षण का मुद्दा उठाया गया था।