SCAM IN NIGAM: नगर निगम में हुआ सर्दी-जुकाम घोटाला, सच्चाई जानकर आप भी कहेंगे लानत है ऐसे लोगों पर

लोकायुक्त पुलिस ने चहेतों को उपकृत करने के लिए नियमों का उल्लंघन कर आर्थिक सहायता बांटने के मामले में वर्तमान निगमायुक्त विनोद शर्मा

By: Gaurav Sen

Published: 09 Dec 2017, 10:54 AM IST

ग्वालियर। लोकायुक्त पुलिस ने चहेतों को उपकृत करने के लिए नियमों का उल्लंघन कर आर्थिक सहायता बांटने के मामले में वर्तमान निगमायुक्त विनोद शर्मा, पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता, पूर्व नेता प्रतिपक्ष शम्मी शर्मा, अंजली रायजादा तथा नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त वेदप्रकाश शर्मा और एनपीएस राजपूत के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन सब पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं तथा निगम को नुकसान पहुंचाने का षड्यंत्र करने के अपराध में एफआईआर दर्ज की गई है। वर्तमान निगमायुक्त विनोद शर्मा उस वक्त भी आयुक्त थे जिस वक्त के मामले आरोप में शामिल हैं।


इन सब पर आरोप है कि निगम में दर्जनभर डॉक्टर होने के बावजूद बिना जांच के सर्दी-जुकाम, बुखार, डायबिटीज आदि सामान्य रोग बताने वालों को भी बिना जांच कराए निगम की ओर से १४ लाख रुपए से अधिक की आर्थिक मदद बांटी गई। लोकायुक्त पुलिस मेंं शिकायत की गई थी कि नगर निगम परिषद के २५ मार्च २०१३ को ठहराव प्रस्ताव के माध्यम से अधिकार प्रत्यायोजित करके जो राशियां महापौर समीक्षा गुप्ता, नेता प्रतिपक्ष शम्मी शर्मा, पार्षद डॉ अंजली रायजादा द्वारा वितरित की गई वह वैधानिक रूप से गलत है।

 

जरूरी था परिषद का अनुमोदन

मध्यप्रदेश नगर पालिकानियम 1998 के नियम 5 (4) के अनुसार किसी भी संस्था या व्यक्ति को कोई अनुदान या पुरस्कार स्वरुप कोई राशि देने, कर्मचारियों को छोड़कर अन्य के लिए नगर निगम परिषद का पूर्व अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक था। तत्कालीन महापौर समीक्षा गुप्ता के कार्य काल के दौरान तत्कालीन निगम आयुक्त वेदप्रकाश शर्मा के द्वारा ५ सितंबर ११ से ३ मई १३ तक आयुक्त पद पर कार्य करते हुए स्वेच्छानुदान निधि मद में राशि इसके लिए राशि रखी थी। आर्थिक सहायता प्रकरणों में राशि निर्धारण के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति जिसमें महापौर समीक्षा गुप्ता आदि शामिल थे की अनुशंसा पर स्वेच्छानुदान निधि मद से विभिन्न प्रकार के २०९ लोगों को यह आर्थिक सहायता बांटी गई। इस प्रकार मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम तथा मध्यप्रदेश नगर पालिका के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन किया गया। इस कृत्य से नगर पालिका निगम को १४, ३१, ६५३ रुपए की आर्थिक क्षति हुई।

 

आयुक्तों ने नहीं निभाई जिम्मेदारी

नगर निगम ग्वालियर में स्वेच्छानुदान मद की राशि हितग्राहियों को वितरित करते हुए आर्थिक सहायता वितरित करने में अनियमितता के संबंध में तत्कालीन महापौर समीक्षा गुप्ता के कार्यकाल में पदस्थ तत्कालीन आयुक्तगण वेदप्रकाश शर्मा, एनबीएस राजपूत एवं विनोद शर्मा का धारा 69 मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के अनुसार यह कर्तव्य एवं दायित्व था कि इस त्रुटि को परिषद के ध्यान में लाते हुए इस पर पुन: विचार के लिए भेजते। यदि परिषद ठहराव निरस्त नहीं करती तो प्रकरण निर्णय के लिए शासन को भेजना चाहिए था। इस प्रकार आयुक्तगणों द्वारा अपने दायित्वों का पालन न करते हुए विधि विरुद्ध ठहराव को पारित होने दिया और उसका क्रियान्वयन कराया गया। इस प्रकार जो राशि वितरित की गई वह कानूनीरूप से गलत है जिसके लिए उपरोक्त तत्कालीन आयुक्तगण दोषी है।

उक्त कृत्य वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आने पर जांच के उपरांत कार्यालय लोकायुक्त मुख्यालय भोपाल के द्वारा प्रकरण के तथ्य एवं परिस्थितियों को देखते हुए यह प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाया गया कि तत्कालीन महापौर समीक्षा गुप्ता नेता प्रतिपक्ष शम्मी शर्मा, तत्कालीन आयुक्तगण एनबीएस राजपूत, वेदप्रकाश शर्मा एवं विनोद शर्मा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए स्वेच्छानुदान राशि का विधि विपरीत वितरण किया एवं शासकीय राशि का दुरुपयोग करना पाए जाने पर अपराध पंजीकृत करने के लिए निर्देशित किया।

 

विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त कार्यालय भोपाल के द्वारा २३ नवंबर १७ के द्वारा मूल शिकायत एवं अन्य दस्तावेजों को जांच के लिए भेजकर आरोपीगण के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना किए जाने के आदेश दिए गए जिस पर पुलिस अधीक्षक विशेष पुलिस स्थापना ग्वालियर लोकायुक्त ग्वालियर द्वारा इस मामले की जांच इंसपेक्टर कवीन्द्र सिंह चौहान को दी गई। उक्त निर्देश पर आरोपीगण के खिलाफ धारा 13(1 )डी,13 (2 ) पीसी एक्ट 1988, 120 बी भादवि का मामला दर्ज किया गया। जांच में पाया गया कि आर्थिक सहायता वितरण में महापौर द्वारा अपनी स्वेच्छानुदान निधि से दी गई आर्थिक सहायता प्रकरणों में मेयर इन काउंसिल के कर्तव्य एवं संचालन नियम का घोर उल्लंघन किया गया। वहीं इसके लिए परिषद से मंजूरी भी नहीं ली गई तथा अपनी पार्टी एवं अपने चहेतों लोगों को उपकृत करते हुए नगर निगम को भारी आर्थिक क्षति पहुंचायी

 

विधि अनुसार कार्रवाई
इस मामले में जांच के बाद विधि अनुसार आरोपीगण के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।
अरविंद श्रीवास्तव, विशेष लोक अभियोजक, लोकायुक्त

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