WATER CRISES: तिघरा में लेवल कम बताकर एक करोड़ का पानी डकारने की तैयारी

एक बार फिर शहर की जरूरत के नाम पर पानी का खुला खेल शुरू हो गया है। मामला तिघरा को भरने और शहर की 13लाख की आबादी की प्यास बुझाने से जुड़ा है।

By: Gaurav Sen

Updated: 09 Dec 2017, 12:00 PM IST

आकाश सक्सेना @ ग्वालियर

एक बार फिर शहर की जरूरत के नाम पर पानी का खुला खेल शुरू हो गया है। मामला तिघरा को भरने और शहर की 13लाख की आबादी की प्यास बुझाने से जुड़ा है। जिसमें जल संसाधन विभाग और नगर निगम के अफसरों की सांठगांठ शुरू हो गई है। इसके तहत करीब 9.30 करोड़ रुपए की लागत से ककेटो और पहसारी से करीब 1200 एमसीएफटी पानी पंप करके तिघरा में लाना है लेकिन ककेटो सहित अन्य बाधों के लेवल में गोलमाल किया जा रहा है।

 

 

यह भी पढ़ें: SCAM IN NIGAM: नगर निगम में हुआ सर्दी-जुकाम घोटाला, सच्चाई जानकर आप भी कहेंगे लानत है ऐसे लोगों पर

 


बात तिघरा बांध की करें तो तिघरा में जल संसाधन विभाग 718.80 फीट का लेवल बता रहा है, जब पत्रिका ने पड़ताल की और एक्सपर्ट की मौजूदगी में पत्रिका के फोटोजर्नलिस्ट शशि भूषण पाण्डे ने तिघरा में उतरकर वॉटर लेवल लिया तो जल संसाधन विभाग के दावे का खुलासा हो गया। कैमरे में साफ दिखाई दे रहा है कि तिघरा का वॉटर लेवल 720 फीट था। उक्त खुलासे में करीब 100 एमसीएफटी पानी अधिक मिला, जिसे ठेकेदार के खाते में डालने की तैयारी की जा रही है। जब मामले में जल संसाधन विभाग के अफसरों पूछा तो वह जांच कराने की बात कहने लगे।

जल संसाधन विभाग ने बताया 718फीट
पत्रिका ने चेक किया तो निकला 720 फीट

यहां अलग आंकड़े
जल संसाधन की वेबसाइट पर 8 दिसंबर 2017 का अपडेट 718.733 फीट दर्शाया गया है साथ ही लाइव स्टोर 1166.76 एमसीएफटी दर्शाया गया है।

ऐसे समझें
अफसर करीब 2100 में से 900 एमसीएफटी पानी का लीकेज सीपेज का हिसाब लगाकर चल रहे हैं जिस पर 9.30 करोड़ खर्च होगा। ऐसे में एक करोड़ रुपए में करीब १२५ एमसीएफटी पानी शहर को मिलेगा। तिघरा मेंं जल संसाधन विभाग १०० एमसीएफटी पानी कम बताकर चल रहा है। जिससे यह बात एक बार फिर साफ हो गई है कि अफसरों की नियत अब भी साफ नहीं है और इसका सीधा लाभ ठेकेदार को ही दिया जाएगा।

ऐसे की पड़ताल
स्टेप-1 : जल संसाधन विभाग से जुड़े सूत्रों की सूचना पर पत्रिका टीम ग्राउंड जीरो पहुंची। अपने साथ तैराक एक्सपर्ट और इंचीटेप लेकर तिघरा को नापने वाली स्कैल की सच्चाई का पता लगाने जीनों के सहारे मुख्य पॉइंट जहां से पानी की चूडिय़ां खोली जाती हैं वहां गए।


स्टेप-2 : यहां से कैमरा मैन खुद सच्चाई जानने बांध में रस्सी बांधकर पुरानी सीढ़ी के सहारे उतरे और ऊपर से फीता डाला तो तिघरा में मौजूद 40 फीट के लेवल पर इंचीटेप 20 फीट के निशान पर ठहर गया। जिससे साफ है कि तिघरा वर्तमान में केवल 20फीट ही खाली है।

ऐसे समझें वॉटर लेवल ऊंचाई (फीट में) पानी (एमसीएफटी में)
716 836.46
717 919.8
718 1003.26(यहां जल संसाधन विभाग ने बताया 718.80 फीट पर 1070 एमसीएफटी बताया गया)
719 1086.66
720 1170.07( पत्रिका ने चेक किया तो पानी यहां तक था)

नोट : 738 फीट पर 4059.648 बांध पुराना होने से सुरक्षा की दृष्टि से इस लेवल से अधिक नहीं भरते।

वे ज्यादा बता रहे
तिघरा के बाहर पानी की हमारी जिम्मेदारी है। बांध के अंदर जल संसाधन विभाग क्या कर रहा है। यह वही बता सकतेे हैं। वह हमें पानी कम दे रहे हैं और बता ज्यादा रहे हैं।
आरएलएस मौर्य, अधीक्षण यंत्री पीएचई नगर निगम

1070 एमसीएफटी
तिघरा का वर्तमान लेवल 718.80 फीट है जिससे बांध में करीब 1070 एमसीएफटी पानी शेष है।
संतोष तिवारी, उपयंत्री जल संसाधन विभाग करेंगे जांच

मुझे जानकारी नहीं है। आपके द्वारा यह बात मेरे संज्ञान में आई है मैं इसकी जांच कराऊंगा। उसके बाद जो कार्रवाई होगी वह की जाएगी।
एनपी कोरी, मुख्य अभियंता जल संसाधन

Show More
Gaurav Sen
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned