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सोने की परख अब हो गई और खरी, एचयूआइडी पोर्टल पर फोटो, वजन और सोल्ड का ट्रिपल लॉक, बढ़ेगी पारदर्शिता

ज्वैलर्स की दुकानों पर सजने वाले आभूषणों की धांधली और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) ने एक बड़ा मास्टर स्ट्रोक खेला है। सिर्फ हॉलमार्क का ठप्पा लगाकर निकल जाना आसान नहीं होगा। एचयूआइडी पोर्टल पर सोने के गहनों की तस्वीर, उनका सटीक वजन और बिक्री के बाद सोल्ड का स्टेटस दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है।
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ग्वालियर. ज्वैलर्स की दुकानों पर सजने वाले आभूषणों की धांधली और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) ने एक बड़ा मास्टर स्ट्रोक खेला है। सिर्फ हॉलमार्क का ठप्पा लगाकर निकल जाना आसान नहीं होगा। एचयूआइडी पोर्टल पर सोने के गहनों की तस्वीर, उनका सटीक वजन और बिक्री के बाद सोल्ड का स्टेटस दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। सरल शब्दों में कहें तो, अब हर जेवर की एक डिजिटल जन्मपत्री तैयार हो रही है, जिससे नकली एचयूआइडी के गोरखधंधे पर ताला लग जाएगा। खास बात यह है कि बीआइएस एप के जरिए ग्राहक खुद भी इस प्रक्रिया के बाद सोने के खरेपन का पता कर सकता है। ग्वालियर सहित पूरे प्रदेश के हॉल मार्किंग सेंटरों में नई प्रकिया लागू हो चुकी है।

पारदर्शिता का नया दौर : ग्राहकों की बल्ले-बल्ले, जालसाजों की छुट्टी
सराफा बाजार के जानकारों का मानना है, बीआइएस के इस कड़े रुख से बाजार में पारदर्शिता का नया दौर शुरू होगा। जब हर जेवर का फोटो, वजन और बिक्री का रिकॉर्ड सिस्टम में लाइव रहेगा, तो नकली एचयूआइडी के जरिए होने वाली धांधली खुद-ब-खुद दम तोड़ देगी। ग्राहकों को अब अपनी गाढ़ी कमाई का पूरा हक मिलेगा और उनका भरोसा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगा।

इसलिए पड़ी इस ट्रिपल लॉक की जरूरत
अब तक हॉलमार्किंग प्रणाली में सेंध लगाकर कुछ शातिर तत्व एक ही एचयूआइडी नंबर का इस्तेमाल कई गहनों पर कर लेते थे या कागजों में फर्जीवाड़ा चला रहे थे। इसी फर्जीवाड़े की जड़ काटने के लिए बीआइएस ने तकनीक का यह नया जाल बुना है :
हर जेवर की अपनी सेल्फी : हॉलमार्किंग सेंटर पर अब आभूषण का सिर्फ नंबर दर्ज नहीं होगा, बल्कि उसकी फोटो खींचकर पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। यानी अब जेवर की पहचान छिपाई नहीं जा सकेगी।
रत्ती-रत्ती का हिसाब (सटीक वजन) : गहने का वास्तविक वजन पोर्टल पर दर्ज होगा। इससे ग्राहक को यह डर नहीं रहेगा कि हॉल मार्किंग के नाम पर वजन में कोई घपला किया गया है।
सोल्ड एचयूआइडी से फर्जीवाड़े का अंत : जब कोई ज्वेलर एचयूआइडी वाला आभूषण ग्राहक को बेचेगा, तो उसे मानक ऑनलाइन पोर्टल पर उस एचयूआइडी को सोल्ड (बिक गया) दर्ज करना होगा। इसके बाद उस नंबर को किसी दूसरे आभूषण के लिए दोबारा इस्तेमाल करना नामुमकिन हो जाएगा।

पहले 350 पीस कर लेते थे, अब 90 से अधिक नहीं हो पा रहे
सोना-चांदी व्यवसायी संघ लश्कर के अध्यक्ष पुरुषोत्तम जैन ने बताया, गोल्ड ज्वेलरी को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में यह फैसला एक बड़ा गेमचेंजर साबित होने वाला है। वहीं ज्वेलरी पर हॉलमार्क करने वाले महेंद्र कुमार जैन ने बताया, ग्राहकों के लिए तो ये नई प्रक्रिया अच्छी है लेकिन इसके लागू होने के बाद से हॉल मार्किंग की गति धीमी पड़ गई है। पहले एक दिन में 350 पीस कर लेते थे, अब 90 से अधिक नहीं कर पा रहे हैं।

शुद्ध सोना मिलेगा, ज्वेलर्स को पालन करनी होगी गाइडलाइन
बीआइएस ने देश के सभी पंजीकृत ज्वेलर्स और हॉल मार्किंग केंद्रों को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वे बिना किसी लापरवाही के इन नई गाइडलाइंस का समय पर पालन करें। इससे ग्राहकों को शुद्ध सोना प्राप्त होगा।
हर्षित कुमार जैन, डिप्टी डायरेक्टर, बीआइएस नोएडा शाखा कार्यालय