
fake sim
ग्वालियर. कोरोना काल में जब पूरा देश महामारी से जूझ रहा था तब ग्वालियर-चंबल अंचल में फर्जी सिम का कारोबार चल रहा था जिसने सुरक्षा एजेंसियों को हैरान कर दिया है। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (डीओटी) ने ऑपरेशन फेस में ग्वालियर और मुरैना के दो चेहरे चिन्हित किए हैं जिन्होंने अकेले 491 सिम फर्जी तरीके से एक्टिवेट कराई हैं। इनमें एक मास्टरमाइंड ग्वालियर के किला गेट का और सिम कारोबारी है। इस वेंडर ने अपने ही चेहरे को बहुरूपिया' बनाकर 246 फर्जी सिम बेची हैं। डी.ओ.टी के इनपुट पर रा…य साइबर सेल अब इस गैंग की कुंडली खंगाल रही है।
कैमरे को चकमा देने हर बार हुलिया बदला
डी.ओ.टी द्वारा साइबर सेल को सौंपी गई जानकारी के मुताबिक, जालसाज ने ई-केवायसी के दौरान कैमरे को चकमा देने के लिए हर बार अपना हुलिया बदला। चेहरे का एंगल बदलने के लिए कभी मूंछें छांट कर छोटी-बड़ी कीं, तो कभी बाल संवारने और कटिंग का स्टाइल बदल लिया। इसके अलावा, एआइ और फोटो एडिटिंग के सॉफ्टवेयर से तस्वीरों के एंगल बदलकर टेलीकॉम कंपनियों के फेशियल रिकग्निशन सिस्टम को धोखा दिया है।
सिम धारकों की तलाश
साइबर सेल अब इन सभी सिम नंबरों की कॉल डिटेल और लोकेशन ट्रेस कर रही है। पुलिस का कहना है सिम रेकार्ड में दर्ज नाम और पते के आधार पर कुछ लोगों को तलाशा लेकिन इन लोगों को पता तक नही था उनके नाम से सिम निकाली और बेची गई है।
फर्जीवाड़ा : एक नजर में
कुल फर्जी सिम : 491
ग्वालियर (किला गेट) : 246 सिम एक ही चेहरे पर
मुरैना : यहां भी वेंडर ने 245 सिम निकालीं
फर्जीवाड़े की अवधि : 2020 से 2022 (कोरोना काल)
आरोपियों की तलाश, एक की पहचान
ऑपरेशन फेस में डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन ने 491 सिम ङ्क्षचहित की हैं। यह सिम दो चेहरों पर एक्टिवेट हुई हैं। इनमें एक आरोपी सिम वेंडर है उसकी पहचान हो गई उसे तलाशा जा रहा है। उसके पकड़े जाने पर फर्जी सिम के कारोबार का खुलासा होगा जबकि दूसरा आरोपी मुरैना का है।
Updated on:
25 Jul 2026 06:55 pm
Published on:
25 Jul 2026 06:54 pm
