
Scindia Royal Family Property Dispute: बड़ी बुआ की बेटी ने जताई आपत्ति (फोटो सोर्स- Patrika)
Gwalior Scindia Royal Family Property Dispute:ग्वालियर सिंधिया परिवार के संपत्ति विवाद में हुए समझौते के बीच नया पेंच फंस गया है। बंटवारे को लेकर तीन बुआओं के साथ बनी सहमति पर चौथी बुआ की बेटी ने आपत्ति दर्ज कराई है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ पद्मावती राजे की बेटी प्रतिमा देवी का कहना है कि उन्हें संपत्ति के बंटवारे में शामिल नहीं किया गया, जबकि उन्हें वैधानिक हिस्सा मिलना चाहिए था। उनका तर्क है कि बंटवारे पर अंतिम निर्णय से पहले उनकी आपत्तियों पर सुनवाई की जानी चाहिए। मामले में अब 28 जुलाई को फिर सुनवाई होगी।
दरअसल, वसुंधरा राजे, उषा राजे और यशोधरा राजे ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से संपत्ति में हिस्सेदारी को लेकर सिविल सूट दायर किया था। बाद में सभी पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने का निर्णय लिया और बंटवारे का राजीनामा न्यायालय में प्रस्तुत किया। इस पर सुनवाई शुरू हो चुकी है।
हालांकि, न्यायालय के समक्ष अभी पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, क्योंकि संबंधित फाइल हाईकोर्ट भेजी गई थी। अदालत ने बंटवारे से संबंधित रिकॉर्ड तलब किया है। साथ ही, कॉवेनेंट की प्रति भी मांगी है। कॉवेनेंट में सिंधिया परिवार की संपत्तियों का उल्लेख है। समझौते के अनुसार ग्वालियर और शिवपुरी की प्रमुख संपत्तियां ज्योतिरादित्य सिंधिया के पास रहने वाली है। जयविलास पैलेस भी उनके हिस्से में रहेगा।
ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ पद्मावती राजे का विवाह त्रिपुरा राजपरिवार में हुआ था। उनकी दो बेटियां प्रतिमा देवी और कनिका देवी हैं। दोनों को दावे में पक्षकार बनाया था, लेकिन जिस समझौते पर सहमति बनी, उसमें उन्हें शामिल नहीं किया। इसी आधार पर प्रतिमा देवी की ओर से कोर्ट में आपत्ति प्रस्तुत की गई है। यदि कोर्ट उनकी आपत्तियों को स्वीकार करता है, तो आपसी सहमति से हुआ संपत्ति बंटवारा नए विवाद में पड़ सकता है।
दरअसल सिंधिया राजपरिवार के बीच राजमाता के समय से संपत्ति विवाद चल रहा है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया की बुआओं ने संपत्ति पर अपना अधिकार जताया है, जबकि सिंधिया का विरोध है कि उनके यहां राजा की गद्दी का कानून चलता है और संपत्ति पर राजा का अधिकार रहता है। इसके चलते बंटवारे के विवाद जिला न्यायालय में पहुंचा। ऊषा राजे, वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे ने वर्ष 2010 में संपत्ति के विवाद को लेकर न्यायालय में एक वाद पत्र पेश किया। उनकी ओर से कहा गया कि पिता की संपत्ति में बेटियों का बराबर का हक है, इसलिए उन्हें भी संपत्ति में हिस्सा दिया जाए। एक अन्य वाद पत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी बुआओं के खिलाफ पेश किया है। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
Updated on:
23 Jul 2026 10:20 am
Published on:
23 Jul 2026 10:20 am
