
Scindia Royal Family Property Dispute (सिंधिया राजपरिवार संपत्ति विवाद Photo Source)
Gwalior News :मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सिंधिया राजपरिवार के बीच लंबे समय से चले आ रहे संपत्ति विवाद में सोमवार को अतिरिक्त जिला न्यायालय में सुनवाई हुई। समझौते पर अंतिम निर्णय फिलहाल टल गया है। अदालत ने मामले से जुड़े मूल रिकॉर्ड और रियासतों के विलय के समय हुए कॉवेनेंट की प्रति तलब करते हुए अगली सुनवाई 28 जुलाई निर्धारित की है। इस बीच नेपाल से बंटवारे पर एक आपत्ति भी प्रस्तुत की गई है। उनका दावा है कि, संपत्ति के इस समझौते में उन्हें पक्षकार ही नहीं बनाया गया है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने उस कॉवेनेंट की प्रति भी मांगी है जो देश की आजादी के बाद रियासतों के भारत में विलय के समय तैयार की गई थी। इसी दस्तावेज में ये उल्लेख है कि, सिंधिया राजपरिवार की कौन-कौन सी संपत्तियां परिवार के पास रहेंगी और कौन - कौन सी सरकार को हस्तांतरित की जाएंगी। अदालत अब इस दस्तावेज के आधार पर संपत्तियों के विवरण का मिलान करेगी।
ये विवाद उस सिविल वाद से जुड़ा है, जिसमें वसुंधरा राजे, उषा राजे और यशोधरा राजे ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से पारिवारिक संपत्ति में हिस्सेदारी की मांग करते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। बाद में सभी पक्षों के बीच आपसी सहमति बनने के बाद समझौता (राजीनामा) अदालत में पेश किया गया। इसी समझौते पर फिलहाल न्यायालय में सुनवाई चल रही है। हालांकि, मूल रिकॉर्ड हाईकोर्ट में होने के कारण निचली अदालत ने पूरा रिकॉर्ड तलब किया है।
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित बंटवारे में ग्वालियर और शिवपुरी की प्रमुख संपत्तियां ज्योतिरादित्य सिंधिया के हिस्से में रहने का उल्लेख हैं। जयविलास पैलेस भी इसी हिस्से में शामिल बताया जा रहा है।
इस बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से हाईकोर्ट में भी याचिका दायर कर इसी बंटवारे को चुनौती दी गई है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि, समझौते पर सिविल कोर्ट में सुनवाई जारी है। इस पर हाईकोर्ट ने मामले में चार सप्ताह का समय देते हुए अगली सुनवाई आगे निर्धारित कर दी है।
Updated on:
21 Jul 2026, 8:16 AM IST
Published on:
21 Jul 2026, 8:16 AM IST
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