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ग्वालियर में बिना कॉल और ओटीपी के महिला के खाते से 45 हजार पार, स्क्रीन मिररिंग से साइबर ठगी का शक

ग्वालियर के महाराजपुरा क्षेत्र में महिला के खाते से बिना कॉल और ओटीपी के 45 हजार रुपए ट्रांसफर हो गए। पुलिस को एपीके फाइल के जरिए स्क्रीन मिररिंग से साइबर ठगी का शक है।
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पुलिस को एपीके फाइल के जरिए स्क्रीन मिररिंग से साइबर ठगी का शक

पुलिस को एपीके फाइल के जरिए स्क्रीन मिररिंग से साइबर ठगी का शक

मोबाइल में बची सिर्फ 6 हजार की राशि, फोन-पे हिस्ट्री में मिला 44,999.99 रुपए ट्रांसफर का रिकॉर्ड

ग्वालियर के महाराजपुरा क्षेत्र में महिला के खाते से बिना कॉल और ओटीपी के 45 हजार रुपए ट्रांसफर हो गए। पुलिस को एपीके फाइल के जरिए स्क्रीन मिररिंग से साइबर ठगी का शक है।

ग्वालियर। शहर में साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। महाराजपुरा क्षेत्र की एक महिला के बैंक खाते से बिना किसी कॉल, लिंक या ओटीपी शेयर किए करीब 45 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए गए। इस घटना ने साइबर पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि ठगों ने किसी संदिग्ध एपीके (APK) फाइल के जरिए मोबाइल की स्क्रीन मिररिंग कर खाते से रकम पार की।

मोबाइल चेक करते ही उड़े होश

आदित्यपुरम निवासी मंजू सिंह चौहान, पत्नी बिजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि 10 जुलाई को उन्होंने अपना मोबाइल चेक किया तो बैंक से पैसे कटने के संदेश दिखाई दिए। जब बैंक स्टेटमेंट देखा तो खाते में मौजूद लगभग 51 हजार रुपए में से केवल 6 हजार रुपए ही बचे थे।

फोन-पे हिस्ट्री से मिला सुराग

महिला ने तुरंत अपने मोबाइल में मौजूद फोन-पे ऐप की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री देखी। वहां पता चला कि 10 जुलाई की रात एयरटेल पेमेंट्स बैंक से लिंक खाते से 44,999.99 रुपए किसी अज्ञात यूपीआई आईडी पर ट्रांसफर किए गए थे।

“मेरे पास न किसी का फोन आया और न ही मैंने किसी को ओटीपी बताया। फिर भी पैसे निकल गए।” — मंजू सिंह चौहान

साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत

धोखाधड़ी का पता चलते ही पीड़िता ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद महाराजपुरा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्क्रीन मिररिंग से हुई ठगी?

साइबर पुलिस का मानना है कि महिला के मोबाइल में किसी समय कोई संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड हो गई होगी। ऐसे फर्जी एप मोबाइल का रिमोट एक्सेस लेकर स्क्रीन मिररिंग के जरिए बैंकिंग और यूपीआई ऐप पर नियंत्रण हासिल कर लेते हैं।

पुलिस अब उस यूपीआई आईडी को ट्रेस कर रही है, जिसमें रकम ट्रांसफर हुई है। तकनीकी जांच के लिए साइबर एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है।

साइबर पुलिस की सलाह

सावधान

  • अनजान स्रोत से भेजी गई APK फाइल डाउनलोड न करें
  • केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही एप इंस्टॉल करें
  • मोबाइल पर आए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें
  • बैंक खाते से जुड़ा कोई अनजान ट्रांजेक्शन दिखे तो तुरंत 1930 पर शिकायत करें