
कलक्टर चैम्बर में तोडफ़ोड़ के आरोपित को जमानत पर बाहर आने से पहले ही प्रोडक्शन वारंट पर फिर किया गिरफ्तार
- शांतिभंग मामले में था जेल में बंद, अब राजकार्य में बाधा मामले में पकड़ा
- कलक्टर सहित अन्य अधिकारियों के बयान किए दर्ज
हनुमानगढ़. कलक्टर चैम्बर में तोडफ़ोड़ करने के मामले में कलक्टर व अन्य अधिकारियों के बयान दर्ज हो गए हैं। डंडा लेकर कलक्टर चैम्बर में घुसकर कर्मचारी से मारपीट व गाली-गलौच करने तथा डंडे से वार कर मेज पर रखा शीशा तोडऩे के मामले की जांच में जुटी पुलिस ने सोमवार को अधिकारियों के बयान दर्ज किए। मामले की जांच कर रहे पुलिस उप अधीक्षक विरेन्द्र जाखड़ ने कलक्टर जाकिर हुसैन, एडीएम प्रभातीलाल, पीआरओ सुरेश बिश्नोई सहित घटना के दौरान मौजूद अन्य अधिकारियों के बयान दर्ज करवाए। वहीं पुलिस ने इस मामले के आरोपित ईश्वरराम जाट (30) पुत्र नंदराम जाट निवासी गांव सरदारगढिय़ा पीएस गोगामेड़ी भादरा को सोमवार शाम को जिला कारागृह से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर लिया।
वह घटना के दिन से ही जिला कारागृह में बंद था। उसे पुलिस ने मौके से शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भिजवा दिया था। जांच अधिकारी जाखड़ के अनुसार आरोपित को जिला कारागृह से प्रोडक्शन वारंट पर हासिल कर न्यायालय में पेश कर रिमांड मंजूर करवाया गया है। रिमांड अवधि के दौरान आरोपित से मेज का शीशा तोडऩे के लिए इस्तेमाल किए गए डंडे की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि आठ फरवरी दोपहर को जिला कलक्ट्रेट में उस समय सनसनी फैल गई जब ईश्वरराम कम्बल में डंडा छिपाकर जिला कलक्टर के चैम्बर में घुस गया। उसे कलक्ट्रेट के कर्मचारी राजेन्द्र कुमार पुत्र भगवानदास वाल्मीकि निवासी वार्ड सात ने रोकना चाहा तो ईश्वरराम ने उससे मारपीट व गाली-गलौच की।
इसके बाद ईश्वरराम ने लाठी से कलक्टर की मेज का शीशा तोड़ दिया। घटना के समय जिला कलक्टर सहित कई अन्य अधिकारी चैम्बर में ही मौजूद थे। गनीमत रहा कि लाठी शीशे पर लगी। अन्यथा कलक्टर भी घायल हो सकते थे। इस वारदात से न केवल कर्मचारी बल्कि कलक्टर सहित अन्य अधिकारी भी सकते में आ गए। सूचना मिलने पर पहुंची जंक्शन पुलिस ने मौके पर पहुंच ईश्वरराम को काबू कर लिया। इस संबंध में ईश्वरराम के खिलाफ कलक्ट्रेट के कर्मचारी राजेन्द्र कुमार की रिपोर्ट पर जंक्शन पुलिस ने जिला कलक्टर के कार्यालय में घुसकर मारपीट व गाली-गलौच करने तथा सरकारी संपति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया। अभी तक की पड़ताल में जमीन को लेकर चल रहे विवाद में फैसला अपने हक में न आने से ईश्वरराम के इस तरह का कदम उठाने की बात सामने आई है।