
हनुमानगढ़. सहकारी भूमि विकास बैंक हनुमानगढ़ की आमसभा मंगलवार को जंक्शन मंडी स्थित दुर्गा मंदिर धर्मशाला में हुई। इसमें बैंक अधिकारियों ने आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। आमसभा में बैंक के पूर्व अध्यक्ष बृजलाल सिहाग ने सहकारी स्पिनिंग मिल को फिर से शुरू करने, सभी तरह के कर्ज माफ करने, बैंक की ऑडिट सीए की बजाय सहकारिता विभाग से करवाने, बैंक सदस्यों को लाभांश वितरण करने, ऋण वितरण व वसूली के लिए बैंक के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को रखने, संपूर्ण कर्ज माफ करने सहित अन्य प्रस्ताव सदस्यों के समक्ष रखे। इस पर सदस्यों ने सहमति जताई। पूर्व अध्यक्ष बृजलाल सिहाग ने बताया कि बैंक की ऑडिट अभी सीए से करवाई जा रही है। जबकि सहकारिता विभाग से करवाने पर बैंक में गबन और गड़बड़ी संबंधी आश्ंाकाओं का समाधान भी आसानी से संभव हो सकेगा। आगे कहा कि सहकारी की सहकारी स्पिनिंग मिल से किसानों और मजदूरों सबको लाभ हो रहा था। इस मिल के फिर से चलने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होने के साथ ही कपास उत्पादक किसानों को राहत मिलेगा।
उन्होंने मिल चलाने का प्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित कर सहकारिता विभाग को भिजवाने की बात कही। सिहाग ने कहा कि सबके प्रयास रंग लाएंगे तो मिल जरूर चलेगी। आमसभा में प्रशासक व जिला परिषद सीईओ नवनीत कुमार, बैंक सचिव व सहकारिता विभाग के उप रजिस्ट्रार अमीलाल सहारण, सदस्य सोहन ढिल आदि मौजूद रहे। आमसभा में गत साधारण सभा के बाद नए बनाए गए सदस्यों की पुष्टि पर विचार किया गया। साथ ही गत साधारण सभा में प्रशासक की ओर से लिए गए निर्णयों की पुष्टि पर भी काफी मंथन किया गया। वर्ष २०१८-१९ के प्रस्तावित बजट अनुमोदन पर विचार किया गया। बैंक अधिकारियों ने कहा कि वर्ष २०१७-१८ में १००० लाख रुपए का ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया था, इसमें ८१०.२८ लाख रुपए का ऋण वितरित किया गया।
लघु सिंचाई, कृषि यंत्र खरीद सहित अन्य कार्यों के लिए सदस्यों को बैंक की ओर से ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसी तरह किसानों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए बैंक की ओर से आवास निर्माण के तहत १५ लाख रुपए तक के ऋण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। प्रशासक नवनीत कुमार ने लाभांश राशि घटने पर चिंता जताई तथा बैंक अधिकारियों को समय पर ऋण वसूली करने के साथ ही लाभांश प्रतिशत को मेनटेन रखने की सलाह दी।
लाभांश पर नजर
वर्ष २०१३-१४ में भूमि विकास बैंक हनुमानगढ़ का लाभांश ४३.६९ लाख रुपए था, जो २०१४-१५ में बढक़र ४५.५४ लाख हो गया। जबकि इसके बाद लगातार तीन वर्षों से बैंक का लाभांश कम हो रहा है। वर्ष २०१५-१६ में २३.१० लाख, २०१६-१७ में २८.१२ लाख व २०१७-१८ में १२.९२ लाख रुपए का लाभ बैंक को हुआ है। बैंक के प्रशासक नवनीत कुमार ने लाभ प्रतिशत घटने के कारणों को तलाशने के साथ ही बैंक का कारोबार बढ़ाने की सलाह दी।
सरकार लौटा सकती है खुशी
अगले माह केंद्रीय सहकारी बैंक हनुमानगढ़ की आमसभा होनी है। इसमें भी यदि सहकारी स्पिनिंग मिल को चलाने का प्रस्ताव पारित किया जाता है तो निश्चित तौर पर सरकार को इस बारे में सोचना पड़ेगा। भूमि विकास बैंक के साथ ही केंद्रीय सहकारी बैंक से करीब एक लाख किसान जुड़े हुए हैं। इन्हें शेयर होल्डर बनाने के साथ ही कुछ नए सदस्यों को जोडक़र सरकार मिल चलाने का निर्णय लेती है तो निश्चित तौर पर यह शहर के लिए सौगात से कम नहीं होगी। ऐसा करने पर सरकार पर बजट का बोझ भी ज्यादा नहीं पड़ेगा। शहरवासी फैडरेशन से हनुमानगढ़ मिल को अलग कर स्वतंत्र रूप से चलाने की मांग कर रहे हैं। क्योंकि यह मिल पहले भी फायदे में रहकर पूरे देश में नाम कमा चुकी है। गत भाजपा सरकार ने शहर की उम्मीदों को नजर अंदाज कर मनमाने तरीके से मिल पर तालाबंदी कर दी। अब कांग्रेस सरकार ताला खोलकर शहर के लोगों से छीनी गई खुशी वापस लौटा सकती है।