हनुमानगढ़

राजस्थान क्षेत्र में पानी प्रवाहित करते ही बीबीएमबी चैयरमेन ने जल संकट की तरफ किया इशारा

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर में साठ दिन की बंदी समाप्त होने के बाद रविवार अल सुबह पानी मसीतांवाली हैड पर पहुंच गया। शाम तक पानी राजस्थान क्षेत्र में काफी दूर तक प्रवाहित होने लगा था। इससे प्रदेश के दस जिलों में पेयजल समस्या कम हो सकेगी।
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Updated: 30 May 2021, 10:38 PM IST
राजस्थान क्षेत्र में पानी प्रवाहित करते ही बीबीएमबी चैयरमेन ने जल संकट की तरफ किया इशारा
राजस्थान क्षेत्र में पानी प्रवाहित करते ही बीबीएमबी चैयरमेन ने जल संकट की तरफ किया इशारा

राजस्थान क्षेत्र में पानी प्रवाहित करते ही बीबीएमबी चैयरमेन ने जल संकट की तरफ किया इशारा
-मसीतांवाली हैड पर पहुंचा पानी
-प्रदेश के दस जिलों की बुझेगी प्यास

हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर में साठ दिन की बंदी समाप्त होने के बाद रविवार अल सुबह पानी मसीतांवाली हैड पर पहुंच गया। शाम तक पानी राजस्थान क्षेत्र में काफी दूर तक प्रवाहित होने लगा था। इससे प्रदेश के दस जिलों में पेयजल समस्या कम हो सकेगी। हालांकि बीबीएमबी की गत दिनों हुई बैठक में जितना शेयर राजस्थान के लिए निर्धारित हुआ था, उतना पानी अभी राजस्थान क्षेत्र में पहुंचने की पुष्टि अधिकारी नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि पानी की मात्रा बताने वाला स्काडा सिस्टम अभी काम नहीं कर रहा है। इसलिए अभी यह बताना संभव नहीं हो रहा है कि राजस्थान क्षेत्र की सीमा मसीतावाली हैड पर कितना पानी पहुंचा है।

इन जिलों को पानी
राजस्थान की इंदिरागांधी नहर से हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर, नागौर, जोधपुर, जैसलमेर सहित राजस्थान के दस जिलों को पेयजल मिलता है। गत साठ दिनों तक बंदी के दौरान २५० करोड़ की लागत से करीब ४५ किमी क्षेत्र में रीलाइनिंग का कार्य पूर्ण किया गया है। चालू वर्ष में तीस मार्च से २८ मई तक ली गई बंदी के दौरान पंजाब व राजस्थान भाग में इंदिरागांधी मुख्य नहर की रीलाइनिंग होने से इसमें क्षमता के अनुसार पानी चलाना संभव हो सकेगा। मानसून सीजन में सरप्लस पानी का अधिकतम उपयोग राजस्थान कर सकेगा। बंदी समाप्त होने के बाद रविवार को मसीतावाली हैड पर ४५०० क्यूसेक पानी पहुंचने की सूचना है।

गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल
इंदिरगांधी नहर के निर्माण के बाद इसके रीलाइनिंग का कार्य पंजाब व राजस्थान भाग में एक साथ पहली बार किया गया है। परंतु कार्य पूर्ण होने से दो-तीन दिन पहले ही रीलाइनिंग कार्य की गुणवत्ता को लेकर काफी सवाल उठाए गए हैं। गुणवत्ता को लेकर कितना समझौता हुआ है, यह तो जांच पूर्ण होने के बाद ही पता चल सकेगा। फिलहाल जिला स्तरीय प्रशासनिक टीम, एसीबी व जल संसाधन विभाग की टीम गुणवत्ता संबंधी मामलों की जांच में लगी हुई है।

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