हनुमानगढ़

ऑनलाइन सिस्टम से पड़ा पचड़ा, आबादी में नहीं होने का मलाल

- एक ही चक में दो गांवों की आबादी से ग्रामीणों को नहीं मिल रहा लाभ

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Benefits of State Government Schemes

पीलीबंगा. खरलीया व लिखमीसर दोनों गांव एक ही चक में स्थित होने से ग्रामीणों को राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा उदाहरणार्थ कुछ ग्रामीणों का आवास लिखमीसर में है जबकि नक्शे अनुसार उनका नाम खरलीया की आबादी में है जबकि कुछ ग्रामीणों का आवास खरलीया में है तथा उनका नाम लिखमीसर पंचायत में है। वे राज्य सरकार की किसी भी लाभकारी योजना में आवेदन करते हैं तो उनके आवेदन में आवास व आबादी का अलग अलग हवाला देने से उन्हें योजना में लाभ नहीं दिया जा रहा ऐसे में वे राज्य सरकार की विभिन्न लाभकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं।

ऑनलाईन सिस्टम आया आड़े
इसका कारण है ऑन लाईन सिस्टम। दोनों पंचायतों में जब से राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं ऑनलाईन हुई तब से ग्रामीण लाभान्वित नहीं हो रहे तथा वे संबंधित विभागों के चक्कर काटकर परेशान हो रहे हैं। ग्रामीणों के राशनकार्ड, जॉबकार्ड, निवास प्रमाण पत्र आदि उनके आवास से संबंधित गांव के है लेकिन आबादी के आंकड़ों में उनका नाम दूसरे गांव में आने से आवेदन आनॅलाईन नहीं हो रहे।

कलक्टर को करवाया अवगत
पंचायत समिति प्रधान प्रेमराज जाखड़ व पीसीसी सदस्य विनोद गोठवाल ने बताया कि खरलीया व लिखमीसर पंचायत में ऑनलाईन सिस्टम से ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा इस संबंध में खरलीया में सोमवार को लगे न्याय आपके द्वार में जिला कलक्टर डीसी जैन को अवगत करवाया गया। कलक्टर ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।

भीषण गर्मी में ग्रामीण परेशान
पीलीबंगा. विद्युत विभाग की ओर से अघोषित विद्युत कट के चलते कई गांवों में विद्युत संकट उत्पन्न हो रहा है। भीषण गर्मी में विद्युत आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीणों में त्राहि-त्राहि मच रही है इनमें वृद्ध, महिलाएं व बच्चे बेहद परेशान है। बड़ोपल निवासी विजय शर्मा व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि विभाग दिन में तीन बार व रात में दो-तीन बार कई घंटों के लम्बे कट लगाता है इससे दिन में ग्रामीणों को पंखे झलाकर हवा लेनी पड़ती है रात में आपूर्ति नहीं होने से उन्हें मच्छर परेशान करते हैं।

ग्रामीणों ने विद्युत अधिकारियों से गांवों में नियमित विद्युत आपूर्ति की मांग की लेकिन आपूर्ति संबंधी समस्या का समाधान नहीं हुआ उधर जेईएन देवेन्द्र गुप्ता ने बताया कि कई बार पीछे से एलडी कट लगने से ऐसा हो जाता है लेकिन विभाग ग्रामीणों को पर्याप्त विद्युत आपूर्ति देने का प्रयास कर रहा है।

Published on:
29 May 2018 12:39 pm
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