हनुमानगढ़

राशन डिपो से खाली बैग लेकर लौट रहे उपभोक्ता, जिले में खाद्य सुरक्षा में चयनित हैं नौ लाख लोग

हनुमानगढ़. जिले में एक अगस्त से रसद विभाग की ओर से लाइसेंसधारी राशन डीलर हड़ताल पर हैं। इस वजह से खाद्य सुरक्षा योजना में पंजीकृत परिवार के लोग गेहूं लेने के लिए भटक रहे हैं।

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राशन डिपो से खाली बैग लेकर लौट रहे उपभोक्ता, जिले में खाद्य सुरक्षा में चयनित हैं नौ लाख लोग

हनुमानगढ़. जिले में एक अगस्त से रसद विभाग की ओर से लाइसेंसधारी राशन डीलर हड़ताल पर हैं। इस वजह से खाद्य सुरक्षा योजना में पंजीकृत परिवार के लोग गेहूं लेने के लिए भटक रहे हैं। स्थिति यह है कि राशन डिपो पर जब लोग जाते हैं तो उन्हें वहां ताला लगा मिलता है। इस वजह से वह खाली हाथ लौट रहे हैं। जिले में सभी राशन डीलरों ने अपनी कुछ मांगों को लेकर हड़ताल कर रखी है। इस दौरान गरीब उपभोक्ता राशन डीलर और सरकार के बीच फंसा पड़ा है। गरीब परिवारों को सरकार जहां एक तरफ मुफ्त राशन देने का दावा कर रही है तो दूसरी तरफ उपभोक्ता खाली हाथ घरों को लौट रहे हैं। राशन मिलने की आस में कुछ उपभोक्ता दिन में दो से तीन चक्कर बार राशन की दुकान पर लगा रहे हैं। दूसरी तरफ राशन डीलर अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। इस बार आर-पार की लड़ाई लडऩे के मूड में हैं। डीलरों का कहना है कि राशन की दुकान को पूरे महीने खोलकर राशन वितरण करते हैं। मगर सरकार स्तर पर हमें कमीशन भी समय पर नहीं मिल रहा है। इस स्थिति में हमारे परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। राशन डीलर की मांग है कि उसे उसके द्वारा किए गए मजदूरी का पैसा समय पर मिले। 30 हजार मासिक मानदेय लागू किया जाए। जिससे वह अपने बच्चों का पालन पोषण उचित तरीके से कर सके। राशन डीलरों की हड़ताल के बाद राज्य सरकार अब राशन वितरण करवाने के वैकल्पिक तरीके तलाश रही है। इसके तहत जिले में 50 ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से गांवों में तथा शहरों में होलसेल भंडारा के माध्यम से राशन वितरण करवाने के प्रयास में जुटी हुई है। मगर ग्राम सेवा सहकारी समितियों के पास पहले से जो काम है, वह ठीक से नहीं हो पा रहे। ऐसे में राशन वितरण कार्य वह किस तरीके से कर सकेंगे, इस पर अभी संशय है। इस बीच जिला रसद अधिकारी का दावा है कि पूरे महीने राशन वितरण करवाने के लिए हम वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे। जिससे खाद्य सुरक्षा में पंजीकृत लोगों को राशन लेने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आए।

नौ लाख लोग पंजीकृत
हनुमानगढ़ जिले की बात करें यहां पर खाद्य सुरक्षा योजना के तहत दो लाख 54 हजार राशन कार्ड बने हुए हैं। इसमें नौ लाख लोग पंजीकृत हैं। इनको नि:शुल्क गेहूं वितरण के लिए हर महीने करीब 50 हजार क्विंटल गेहूं का आवंटन होता है। राशन डिपो के माध्यम से इसका वितरण हर महीने किया जाता है। परंतु अगस्त महीना शुरू होते ही राशन डीलरों ने हड़ताल शुरू कर दी है। इससे इस माह राशन वितरण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।

जिले में 637 डिपो संचालित
हनुमानगढ़ जिले में कुल 637 राशन डिपो संचालित हो रहे हैं। रसद विभाग के समन्वय से गांवों व शहरों में गेहूं वितरण कार्य किया जा रहा है। जिला रसद अधिकारी सुनील कुमार का दावा है कि अगस्त महीने में कोई भी व्यक्ति राशन से वंचित नहीं रहेगा। राशन वितरण के लिए हम वैकल्पिक व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके तहत जीएसएस व होलसेल भंडार से समन्वय बनाकर इन्हें लाइसेंस जारी करने का कार्य चल रहा है।

इन मांगों को लेकर आंदोलन
राशन विके्रता कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसमें राशन विक्रेताओं को प्रतिमाह तीस हजार रुपए मानदेय देने, गेहूं पर दो प्रतिशत छीजत देने, गत 5-6 माह का कमीशन बकाया है वह जारी करने, आधार सीडिंग की राशि प्रवासी भारतीय योजना के तहत वितरण कराए गए गेहूं का कमीशन व ईकेवाईसी की सीडींग का मेहनताना व आंगनबाड़ी का कमीशन जो आज तक नहीं दिया गया वह जारी किया जाए। राशन डीलर विक्रेता समिति ने जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर चेतावनी दी है कि जब तक सरकार हमारी मांगे नहीं मानेगी तब तक हमारा राशन वितरण कार्य का बहिष्कार करते रहेंगे।

Published on:
05 Aug 2024 08:26 pm
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