हनुमानगढ़. अब किसानों को डिग्गी निर्माण पर अनुदान की शर्त में लॉटरी का चक्कर हटा दिया गया है। राज्य सरकार ने नए नियमों के तहत अब पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किसानों को डिग्गी अनुदान देने का निर्णय लिया है।
हनुमानगढ़. अब किसानों को डिग्गी निर्माण पर अनुदान की शर्त में लॉटरी का चक्कर हटा दिया गया है। राज्य सरकार ने नए नियमों के तहत अब पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किसानों को डिग्गी अनुदान देने का निर्णय लिया है। काफी समय से किसान इसकी मांग करते आ रहे थे। अब राज्य सरकार ने इस संबंध में कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी करके नए नियमों के तहत ही डिग्गी निर्माण की स्वीकृतियां जारी करने की बात कही है। इसके तहत प्रदेश में करीब 5000 डिग्गियों का निर्माण किया जाएगा। योजना के तहत खेतों में बेहतर सिंचाई व्यवस्था बनाने के लिए किसान को अपने खेत में डिग्गी निर्माण करने पर सरकार की ओर से तीन लाख रुपए का अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा लघु सीमांत किसानों को तीन लाख चालीस हजार रुपए का अनुदान दिया जा रहा है। डिग्गी के बाद ड्रिप सिस्टम से खेती करवाने की मंशा से सरकार किसानों को अनुदान देकर प्रोत्साहित कर रही है। संशोधित नियमों के तहत वर्ष 2023-24 एवं इससे पूर्व के बरसों की लंबित पत्रावलियों की मूल वरीयता, आवेदन की तिथि व समय से निर्धारित करते हुए उन्हें क्रमबद्ध किया जाएगा। इसके बाद नए वर्ष में प्राप्त आवेदनों को सूची के अंत में इसी तरह क्रमबद्ध करते हुए निर्धारित प्राथमिकता के अनुसार आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा। प्रदेश में 30 हजार से अधिक किसान डिग्गी लेने की कतार में लगे हुए हैं। इसमें अकेले करीब 19 हजार आवेदक हनुमानगढ़ जिले के हैं।
सिंचाई जल का बेहतर प्रबंधन करने की उम्मीद
कृषक कल्याण कोष के तहत बनने वाली डिग्गियों को लेकर राज्य सरकार ने कृषि विभाग की ओर से जारी नियमों में आंशिक संशोधन किया है। इसके तहत अब 2024-25 में नए नियमों के तहत स्वीकृतियां जारी की जाएगी। इसमें लॉटरी का फेर खत्म करके आवेदन की वरीयता के आधार पर स्वीकृतियां जारी की जाएगी। सिंचाई जल का बेहतर प्रबंधन करने की उम्मीद में सरकार यह योजना चला रही है।
पहले कब बदला था नियम
वर्ष 2021-22 में राजस्थान की गहलोत सरकार ने डिग्गी अनुदान योजना के नियमों में बदलाव किया था। इसमें किसानों की ओर से आवेदन करने के बाद लॉटरी के आधार पर किसानों का चयन करके डिग्गी निर्माण करवाया जाता था। इसका विभिन्न स्तर पर किसान संगठनों ने विरोध किया। इसके बाद अब राजस्थान की भजनलाल सरकार ने नियमों में संशोधन करते हुए पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर डिग्गी निर्माण करवाने का निर्णय लिया है। पूर्व जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप सहित अन्य हनुमानगढ़ के भाजपा नेताओं ने गत दिनों राज्य सरकार को इस संबंध में ज्ञापन भेजा था। इसमें लॉटरी की बाध्यता खत्म करने का आग्रह किया गया था।
13 तक ऑनलाइन आवेदन
सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकनाइजेशन योजना के प्रावधानों के अंतर्गत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान देकर लाभान्वित किया जाएगा। इससे किसानों पर आर्थिक भार कम पड़ेगा और कृषि कार्य आसान होंगे। किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक योगेश वर्मा ने बताया कि योजना अंतर्गत जिले में 2024-25 के लिए 5425 किसानों को लाभांवित करने का लक्ष्य आवंटित हुआ है। इसमें 1642.62 लाख रुपए अनुदान दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को लेजर लैंड लेवलर, प्रिसिजन मल्टी क्रॉप प्लांटर, इलेक्ट्रोस्टेटिक स्प्रेयर जैसे कृषि यंत्रों की खरीद पर 2 से 2.50 लाख तक के अनुदान का प्रावधान है। पूरे प्रदेश में लगभग 66 हजार किसानों को 200 करोड़ रुपए अनुदान दिए जाने का प्रावधान रखा गया है। योजना में लाभ लेने के लिए कृषक 13 सितम्बर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कृषि यंत्रों पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु, सीमांत एवं महिला किसानों को ट्रेक्टर की बीएचपी के आधार पर लागत का अधिकतम 50 प्रतिशत तक तथा अन्य श्रेणी के कृषकों को लागत का अधिकतम 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। लघु एवं सीमान्त श्रेणी के किसानों को ऑनलाइन आवेदन से पूर्व जनआधार में लघु एवं सीमांत श्रेणी जुड़वाना आवश्यक है। आवेदन में इन प्रमाण पत्रों को संलग्न करना होगा।
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981 डिग्गियों का लक्ष्य
डिग्गी निर्माण योजना में आंशिक संशोधन किया गया है। अब लॉटरी की शर्त हटाकर पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर आवेदन स्वीकृत किए जाएंगे। हनुमानगढ़ जिले में करीब 19000 आवेदन लंबित हैं। जिले में 981 डिग्गियों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
-बीआर बाकोलिया, सहायक निदेशक, कृषि विभाग हनुमानगढ़