हनुमानगढ़. किसानों की मांग पर जिले में मूंग की सरकारी खरीद गत महीने शुरू तो हुई। लेकिन सरकारी तंत्र ने इसमें ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई। बे-मन से खरीद होने की वजह से अभी तक टाउन व जंक्शन में नामात्र की खरीद हो पाई है।
हनुमानगढ़. किसानों की मांग पर जिले में मूंग की सरकारी खरीद गत महीने शुरू तो हुई। लेकिन सरकारी तंत्र ने इसमें ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई। बे-मन से खरीद होने की वजह से अभी तक टाउन व जंक्शन में नामात्र की खरीद हो पाई है। इस वजह से किसान औने-पौने दाम पर फसल बेचने को मजबूर हो रहे हैं। जिला मुख्यालय पर जंक्शन क्रय विक्रय सहकारी समिति को मूंग खरीद के लिए खरीद केंद्र घोषित किया गया है। इस खरीद केंद्र की हकीकत यह है कि यहां पर 21 अक्टूबर को खरीद की तैयारी पूर्ण कर ली गई। परंतु नियमों की पेचीदगी की वजह से जंक्शन सेंटर पर अब तक केवल एक ही किसान से खरीद हो पाई है। जबकि यहां 173 किसानों ने पंजीकरण करवाया हुआ है। इसमें करीब 60 किसानों को खरीद दिनांक भी आवंटित कर दी गई है। परंतु गुणवत्ता की वजह से मूंग की सरकारी खरीद प्रभावित हो रही है। इसी तरह टाउन में करीब 12 किसानों से मूंग की सरकारी खरीद की गई है। यहां भी करीब 173 किसानों ने पंजीकरण करवाया हुआ है। जिले में मूंग का एमएसपी 8682 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित है। लेकिन सरकारी खरीद सुचारू रूप से नहीं होने की वजह से जिले में इस वक्त 6200 से 6800 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से प्राइवेट में मूंग बिक रहा है। जिले की स्थिति यह है कि खरीद केंद्रों की ओर से वेयर हाउस रिसीप्ट जारी नहीं करने की वजह से जिला मुख्यालय पर किसी किसान को भुगतान नहीं किया गया है। वेयर हाउस रिसीप्ट जारी करने की प्रक्रिया अब शुरू करने की बात अधिकारी कह रहे हैं। इसके बाद किसानों को भुगतान किया जाना संभावित है। राजफैड के क्षेत्रीय प्रबंधक हरिसिंह शर्मा ने बताया कि जैसे ही वेयर हाउस से रिसीप्ट की प्रक्रिया पूर्ण होगी, भुगतान शुरू कर दिया जाएगा।
जिले पर नजर
हनुमानगढ़ जिले की बात करें तो यहां कुल 11 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। जहां जाकर किसान मूंग की फसल एमएसपी पर बेच सकते हैं। इसके तहत जिले में अब तक 3299 किसानों ने पंजीकरण करवाया है। इसमें अब तक 448 किसान ही एमएसपी योजना से लाभान्वित हो पाए हैं। जिले में अब तक 6571.50 क्विंटल मूंग की सरकारी खरीद हुई है।