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सीएम भजनलाल का श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के किसानों से संवाद, सामने आई ये 10 बड़ी बातें

राजस्थान के 'अन्न भंडार' कहे जाने वाले हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के किसानों से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संवाद किया। इस दौरान न केवल खेती-किसानी की समस्याओं पर चर्चा हुई, बल्कि सरकार के भविष्य के रोडमैप को भी किसानों के सामने रखा गया।

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राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को हनुमानगढ़ के दौरे पर प्रदेश के अन्नदाताओं के साथ दिल खोलकर बात की। नहरी तंत्र के सुदृढ़ीकरण से लेकर बिजली आपूर्ति और एमएसपी पर बोनस जैसे मुद्दों पर किसानों का फीडबैक लिया गया। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के किसानों ने गेहूं की एमएसपी खरीद पर 150 रुपये अतिरिक्त बोनस देने की ऐतिहासिक घोषणा के लिए मुख्यमंत्री का 'गेहूं का गुलदस्ता' भेंट कर अभिनंदन किया।

गेहूं की एमएसपी पर 150 रुपये का बोनस

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार किसानों की मेहनत का सम्मान करती है। बजट में घोषित गेहूं की एमएसपी पर 150 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूती देगा। किसानों ने इस कदम के लिए सरकार का आभार जताया।

नहरी तंत्र का सुदृढ़ीकरण और फिरोजपुर फीडर

हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर क्षेत्र की लाइफलाइन कहे जाने वाले नहरी तंत्र को लेकर सीएम गंभीर दिखे। उन्होंने फिरोजपुर फीडर की पानी वहन क्षमता बढ़ाने और नहरों की मरम्मत के कार्यों पर फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि नहरी पानी की चोरी रोकने और अंतिम छोर (Tail) तक पानी पहुँचाने के लिए सरकार ठोस काम कर रही है।

बिजली आपूर्ति और निर्बाध वोल्टेज

किसानों ने सिंचाई के लिए दी जा रही बिजली आपूर्ति पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रबी और खरीफ की फसलों के दौरान किसानों को पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिले, ताकि फसल खराब न हो।

जल विवादों का स्थायी समाधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पड़ोसी राज्यों के साथ दशकों से लंबित जल विवादों को सुलझाने की दिशा में सार्थक पहल की है। यमुना जल समझौते सहित अन्य प्रयासों से आने वाले समय में शेखावाटी और उत्तरी राजस्थान को सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलेगा।

किसान सम्मान निधि में 9000 रुपये की राशि

भजनलाल शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली 6000 रुपये की सम्मान निधि में राज्य सरकार ने अपनी ओर से 3000 रुपये अतिरिक्त जोड़ दिए हैं। अब राजस्थान के किसानों को सालाना 9000 रुपये की सम्मान राशि मिल रही है।

प्राकृतिक खेती और कम पानी वाली फसलें

सीएम ने किसानों से समय के साथ बदलने का आह्वान किया। उन्होंने "कम पानी-ज्यादा मुनाफा" वाली फसलों को अपनाने और रसायनों के बजाय गोबर खाद एवं प्राकृतिक खेती (Natural Farming) पर जोर देने की अपील की, ताकि जमीन की उर्वरा शक्ति बनी रहे।

दुग्ध उत्पादकों को 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान

पशुपालक किसानों के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार दूध पर 5 रुपये प्रति लीटर का बोनस दे रही है। इसके साथ ही 50 हजार करोड़ रुपये के ब्याजमुक्त अल्पकालीन फसली ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

फसल बीमा में पारदर्शिता और जीरो टॉलरेंस

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर सीएम ने सख्त लहजे में कहा कि फसल खराबे के मुआवजे में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पारदर्शिता के साथ किसानों को उनके हक का पैसा समय पर मिलेगा।

खाद का पर्याप्त स्टॉक, नहीं होगी कोई कमी

आगामी सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश में यूरिया और डीएपी खाद की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। सरकार के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और वितरण व्यवस्था की निगरानी की जा रही है।

किसानों की समस्याओं का समाधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के साथ बातचीत कर खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान करना उनकी प्राथमिकता है।