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Rajasthan News : चूरू स्टेडियम को मिली नई पहचान, सीएम भजनलाल ने इस ‘बहादुर फौजी’ का दिया नाम

राजस्थान की वीर प्रसूता माटी के महान योद्धाओं का सम्मान करने की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चूरू में एक बड़ा ऐतिहासिक ऐलान किया है।

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चूरू

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Nakul Devarshi

Mar 08, 2026

राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के हृदय स्थल चूरू में रविवार को 'वीरता' और 'सम्मान' का अनूठा संगम देखने को मिला। भारतीय सेना द्वारा आयोजित 'गौरव सेनानी समारोह' में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के गौरवशाली सैन्य इतिहास को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने चूरू जिला खेल स्टेडियम का नामकरण 1971 के युद्ध के हीरो लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ के नाम पर करने की महत्वपूर्ण घोषणा की

चूरू में 'शौर्य' की नई पहचान

चूरू खेल स्टेडियम अब केवल खिलाड़ियों की पौध ही नहीं तैयार करेगा, बल्कि यहाँ आने वाला हर युवा लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह के नाम से देशभक्ति की प्रेरणा लेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टेडियम का नाम बदलने का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को राजस्थान के वीरों के बलिदान और नेतृत्व क्षमता से परिचित कराना है।

कौन थे लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़? (1919-2001)

लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ भारतीय सैन्य इतिहास के उन विरले योद्धाओं में से हैं, जिनकी रणनीति और साहस की मिसाल आज भी दुनिया भर की सैन्य अकादमियों में दी जाती है।

  • 1971 की विजय के शिल्पी: 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान उन्होंने IV कोर (4 Corps) का नेतृत्व किया था। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि 'हेली-लिफ्ट' ऑपरेशन थी, जिसमें उन्होंने मेघना नदी को पार कर पाकिस्तानी सेना को चौंका दिया और ढाका के पतन की राह प्रशस्त की।
  • गोवा की मुक्ति (1961): पुर्तगालियों के चंगुल से गोवा को आजाद कराने के लिए चलाए गए 'ऑपरेशन विजय' में उन्होंने पैराशूट ब्रिगेड का नेतृत्व किया था।
  • नाथू ला संघर्ष (1967): सिक्किम की सीमा पर चीनी घुसपैठ को मुंहतोड़ जवाब देने और भारतीय पोस्ट की रक्षा करने में उनकी भूमिका निर्णायक रही थी।
  • सम्मान: उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM) और भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। उनका जन्म राजस्थान के चुरू जिले के रतनगढ़ (कुसुमदेसर) में हुआ था, जो इस नामकरण को और भी प्रासंगिक बनाता है।

पूर्व सैनिकों को 'रोजगार' की सौगात

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केवल घोषणाएं ही नहीं कीं, बल्कि पूर्व सैनिकों के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता भी जताई। समारोह के दौरान उन्होंने कई पूर्व सैनिकों को विभिन्न विभागों और निजी क्षेत्रों में जॉब लेटर्स (नियुक्ति पत्र) प्रदान किए।

  • सीएम का संबोधन: मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारे सैनिक देश की आन-बान और शान हैं। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद उनका सम्मान और पुनर्वास हमारी प्राथमिकता है।"
  • सप्त शक्ति कमान की उपस्थिति: इस दौरान सप्त शक्ति कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह भी मौजूद रहे, जिन्होंने राज्य सरकार के इस कदम की सराहना की।