हनुमानगढ़. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमा करवाने वाले किसानों को खरीफ 2024 का बकाया क्लेम मई के आखिर तक मिल सकता है।
-प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में जिले के एक लाख 43 हजार किसानों ने करवाया था बीमा
-करीब एक वर्ष बाद अब किसानों को राहत मिलने के आसार
हनुमानगढ़. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमा करवाने वाले किसानों को खरीफ 2024 का बकाया क्लेम मई के आखिर तक मिल सकता है। क्योंकि संबंधित फसल बीमा कंपनी ने अब खरीफ 2024 के बकाया क्लेम की गणना करने का कार्य शुरू कर दिया है। यह कार्य जल्द पूर्ण होने पर मई के अंतिम सप्ताह तक किसानों के खातों में क्लेम जमा करवाने का कार्य शुरू करने की बात बीमा कंपनी के अधिकारी कह रहे हैं।
जानकारी के अनुसार हनुमानगढ़ जिले में बीते खरीफ सीजन में एक लाख 43 हजार किसानों ने फसलों का बीमा करवाया था। करीब चार लाख हेक्टैयर बीमित क्षेत्र में बीमा होने के बाद खेतों में नुकसान होने पर इसका मूल्यांकन किया गया। गारंटी उपज तथा वास्तविक उपज का मिलान करने के बाद अब क्लेम की गणना का कार्य शुरू किया गया है। सभी तरह के डाटा पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं।
इस तरह साफ है कि अब आने वाले दिनों में किसानों को राहत मिलने वाली है। मई 2025 से नए सीजन में खरीफ फसलों की बिजाई का कार्य शुरू हो जाएगा। ऐसे में खरीफ का दूसरा सीजन आने के बाद भी किसानों के हाथ खाली हैं। जो चिंता का विषय है। हालांकि अब बीमा कंपनी के अधिकारी क्लेम जारी करने को लेकर गंभीरता दिखाने लगे हैं। इसके तहत क्लेम की गणना का कार्य शुरू किया गया है। इससे आने वाले दिनों में फसल खराबे के अनुपात में किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
229 करोड़ का प्रीमियम वसूला
खरीफ 2024 में फसलों का बीमा करवाने की एवज में बीमा कंपनी ने किसान व सरकार से करीब 229 करोड़ का प्रीमियम वसूल किया था। इसमें 32 करोड़ किसानों से तथा 98 करोड़ केंद्र व 98 करोड़ ही राज्य सरकार ने जमा करवाए थे। इस तरह मोटी राशि प्रीमियम पेटे वसूलने के बाद भी कंपनी समय पर बीमा क्लेम जारी करने में ज्यादा रुचि नहीं दिखा रही थी। इससे किसानों में रोष पनप रहा था।
फसल बीमा पर नजर
हनुमानगढ़ जिले की बात करें तो रबी 2023 में एक लाख 38 हजार किसानों ने फसलों का बीमा करवाया था। इसमें खराबे के अनुपात में करीब 124 करोड़ का क्लेम सेटलमेंट किया गया। इसके तहत 122 करोड़ से अधिक का क्लेम किसानों को वितरित किया गया है। जबकि रबी 2024-25 में एक लाख 37 किसानों ने बीमा करवाया। इसमें अभी खेतों में फसल कटाई प्रयोग कार्य चल रहा है। जल्द उक्त कार्य संपन्न होने के बाद क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
पत्रिका ने समझा दर्द
राजस्थान पत्रिका ने किसानों के दर्द को समझते हुए सिलसिलेवार समाचारों का प्रकाशन शुरू किया। इसमें ‘डिजिटल जमाने में भी किसानों को क्लेम देने में लगा रहे लंबा वक्त’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। किसान संगठनों और अन्य राजनीतिक दल के नेताओं की टॉक शो करवाकर सरकार और बीमा कंपनी पर क्लेम जारी करने के लिए दबाव बनाया।