हनुमानगढ़. जंक्शन के सिविल लाइन में चार-पांद दिनों से बरसाती पानी जमा है। कलक्ट्रेट से जिला परिषद सर्किल तक पानी भरा रहने से यहां से लोग वाहन लेकर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा रहे। कलक्ट्रेट के आगे पानी जमा रहने से लोगों ने रास्ता बदल लिया है। दो दिन पहले अबोहर बाइपास स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का डैम टूटने के बाद सिविल लाइन में फैले बदबूबार पानी की वजह से आसपास का माहौल खराब हो रहा है।
-न्यू सिविल लाइन वेलफेयर सोसायटी की बैठक में पानी निकासी मांग पर चर्चा
-बरसाती पानी जमा होने तथा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का बंधा टूटने से लोगों के चेहरे पर साफ नजर आ रही बेचैनी
हनुमानगढ़. जंक्शन के सिविल लाइन में चार-पांद दिनों से बरसाती पानी जमा है। कलक्ट्रेट से जिला परिषद सर्किल तक पानी भरा रहने से यहां से लोग वाहन लेकर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा रहे। कलक्ट्रेट के आगे पानी जमा रहने से लोगों ने रास्ता बदल लिया है। दो दिन पहले अबोहर बाइपास स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का डैम टूटने के बाद सिविल लाइन में फैले बदबूबार पानी की वजह से आसपास का माहौल खराब हो रहा है। आचनक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का डैम ओवरफ्लो होकर सिविल लाइन में जाने से कुछ मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। बुधवार को न्यू सिविल लाइन वेलफेयर सोसायटी की अहम बैठक भी बुलाई गई। जंक्शन के सिविल लाइन स्थित सामुदायिक केंद्र में हुई बैठक में लोगों ने बताया कि सीवरेज ट्रेटमेंट प्लांट की निगरानी की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। ट्रीटमेंट प्लांट का बंधा आए दिन टूटता रहता है। ऐसे में मकानों में पानी घुस जाता है। सिविल लाइन निवासी सुरेंद्र कुमार भादू ने बताया कि बैंककर्मी प्रदीप लेघा व प्रेम रॉयल ने तीन-चार वर्ष पहले मकान बनाया था। लेकिन बंधा टूटने के बाद मकानों के आसपास पानी घुसने से मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। सिविल लाइन के सी ब्लॉक में मकानों में दरारें आ गई है। इससे लोगों के चेहरे पर बेचैनी साफ देखी जा सकती है। जिन लोगों के मकान को नुकसान पहुंचा है उनको उचित मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने बताया इस मांग को लेकर सिविल लाइन के लोग कलक्टर को भी अवगत करवाएंगे। ताकि समस्या का समाधान हो। नागरिकों ने बताया कि सिविल लाइन में बहुत से लोग मकान बनाकर निवास कर रहे हैं। परंतु कुछ लोगों ने प्लॉट खरीदकर छोड़ रखा है। इससे खाली प्लॉटों में पानी जमा होने से आसपास के मकानों को नुकसान पहुंच रहा है। नागरिकों ने मांग की है कि नगर परिषद प्रशासन ऐसे लोगों को पाबंद करें कि वह अपने प्लॉट में आवश्यक रूप से सडक़ के लेवल तक मिट्टी भर्ती करवाएं। इससे जो लोग मकान बनाकर रह रहे हैं, उनके मकानों को नुकसान नहीं होगा। नागरिकों ने सिविल लाइन क्षेत्र से बरसाती पानी की निकासी को लेकर ठोस प्लान बनाने की मांग की है। लोगों ने बताया कि सीवरेट ट्रीटमेंट प्लांट का डैम सिविल लाइन से करीब सात से आठ फुट ऊपर के लेवल पर बना हुआ है। ऐसे में दोबारा बंधा टूटा तो आधे सिविल लाइन को प्रभावित करेगा। पूर्व पार्षद तरुण विजय ने बताया कि सीवेरज ट्रीटमेंट प्लांट का बंधा टूटने से हमारे घर के आसपास पानी जमा हो गया। गनीमत रही कि तत्काल इस बंधे को बांधने में टीम सफल रही। भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो, इसके लिए बंधों की नियमित निगरानी की पुख्ता व्यवस्था हो। वहीं बुधवार को भी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के बंधों को मजबूत करने का काम जारी रहा। पूर्व सभापति सुमित रिणवा सहित अन्य की मौजूदगी में एक्सक्वेटर मशीनों से बंधों के आसपास मिट्टी लगाने का काम जारी रहा। इसी तरह जिला मुख्यालय के निकट मक्कासर में तेज बरसात से काफी मकानों को नुकसान पहुंचा है। गांव में तीन जगह पर राहत शिविर लगाए हैं।