
हनुमानगढ़. जिले में बीते वर्ष खराब मौसम की वजह से फसलों को खूब नुकसान पहुंचा था। इस वर्ष भी खरीफ फसलों को विपरीत मौसम की वजह से काफी नुकसान पहुंचा है। इस बीच गत वर्ष यानी खरीफ 2024 में फसल खराबे के अनुपात में कुछ जगहों पर किसानों को मुआवजा जारी कर दिया गया है। जबकि खरीफ 2025 का मुआवजा दो महीने के भीतर दिलाने का आश्वासन प्रशासन की तरफ से किसानों को दिया गया है। एडीएम उम्मेदीलाल मीणा ने बताया कि चालू खरीफ सीजन में अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान को लेकर अंतिम गिरदावरी रिपोर्ट तैयार करने में लगे हुए हैं।
इसकी अंतिम रिपोर्ट तैयार करके सरकार को भिजवाएंगे। किसान नेता जगजीत सिंह जग्गी ने बताया कि जिला प्रशासन के साथ हुई वार्ता में हमें दो महीने के भीतर खरीफ 2025 के फसल खराबे का मुआवजा जारी करवाने का आश्वासन दिया गया है। इस अवधि में यदि हमें मुआवजा नहीं मिलता है तो हम दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने बताया कि हनुमानगढ़, टिब्बी व रावतसर तहसील में कुछ जगह ऐसे हैं जहां पर 80 से 100 प्रतिशत तक फसलों को नुकसान हुआ है। अब तक खेतों में बारिश का पानी जमा है।
प्रशासन से अब तक खेतों से पानी नहीं बाहर निकलवाया गया है। जो बेहद चिंतनीय है। खेतों के बीच ढाणियों में रहने वाले लोगों के लिए जीना मुश्किल हो रहा है। गौरतलब है कि हनुमानगढ़ के नौरंगदेसर उप तहसील क्षेत्र में 2024 खरीफ फसल के दौरान हुई अत्यधिक वर्षा और बाढ़ जैसी स्थिति ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया था। जिसमें विशेष रूप से मुंडा, हरिपुरा और रणजीतपुरा पटवार मंडलों में फसलों को क्षति हुई थी।
राज्य सरकार ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए राज्य आपदा राहत कोष के तहत सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की थी। भू अभिलेख प्रभारी अधिकारी मांगीलाल सुथार ने बताया कि फसलों के नुकसान के बाद क्षेत्र के प्रभावित काश्तकारों के लिए तैयार की गई 7-डी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी गई थी, जिसके अनुमोदन के उपरांत 694 कृषकों को 77,47,814 रुपए (सत्तहत्तर लाख सैंतालीस हजार आठ सौ चौदह रुपए) की मुआवजा राशि का भुगतान किया गया है।
सभी लाभार्थियों के खातों में यह राशि इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सर्विस के माध्यम से सीधे जमा की गई है। इसी प्रकार इस वर्ष 2025 खरीफ फसल के दौरान भी क्षेत्र में कई स्थानों पर अत्यधिक वर्षा के कारण फसलों को नुकसान हुआ है। इस संबंध में संबंधित पटवारियों द्वारा सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। प्रभावित ग्राम पंचायत रणजीतपुरा, मोहनमगरिया, हरिपुरा, मुंडा और नोरंगदेसर की खराबा रिपोर्ट (7-डी) तैयार की जा रही है। यह रिपोर्ट जिला कलक्टर के माध्यम से राज्य सरकार को भेजी जाएगी। राज्य सरकार की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान किया जाएगा।
यहां पर ज्यादा परेशानी
किसान नेता जगजीत सिंह जग्गी ने बताया कि जहां-जहां खेतों में पानी जमा है, वहां पर पाइप लाइन बिछाकर पानी निकालने की मांग किसानों ने की है। इसके बाद जिला प्रशासन ने टीमें गठित करके उक्त कार्य के लिए सर्वे करवाना शुरू दिया है। जग्गी ने बताया कि खेतों में जहां ढाणियां बनी है। वहां पर पानी जमा होने से मच्छर पैदा हो गए हैं। इंसान व जानवर सब इससे परेशान हो रहे हैं। फोगिंग करवाने की मांग हमने प्रशासन से की है। ताकि इनको राहत मिल सके। तीनों तहसीलों में करीब 100 के करीब ढाणियां में लोग परेशान हो रहे हैं।