
हनुमानगढ़। संगरिया में प्रेम प्रसंग के चलते शादीशुदा प्रेमी युगल ने खुद को एक साथ रस्सी से बांध कर नहर में छलांग लगा दी। सोमवार को गोताखोरों ने दोनों के शव नहर से बाहर निकाले। इसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिए। मृतका दो बच्चियों तथा मृतक गर्भवती पत्नी है। इस घटना से ग्रामीण हैरान है।
थाना प्रभारी मोहरसिंह पूनियां ने बताया कि बोलांवाली गांव के वार्ड 12 निवासी युवक भीमसेन उर्फ विजेंद्र गोदारा (25) पुत्र बीरबलराम सिद्ध सोमवार तड़के अपने जानकार पूर्णाराम की बाइक पर इसी मोहल्ले की सुलोचना देवी (28) पत्नी सुभाषचंद्र जाट को लेकर भगतपुरा रोड़ संगरिया स्थित सार्दुल ब्रांच नहर की पटरियों पर पहुंचा। वे बाइक को वहां खड़ा कर वहां से चले गए। घटना की सूचना पाकर उनके साथ एएसआई रामकुमार, कांस्टेबल सुखचरणसिंह, ओमप्रकाश व शैतानसिंह आदि पहुंचे। उनकी सूचना पर करीब दस बजे डीएसपी देवानंद भी मौके पर पहुंच गए।
पुलिस ने घटना की जानकारी जुटाते हुए नहर किनारे एक बाइक, थैले में रखे दो मोबाइल, चुन्नी, रस्सी और परिवारजनों के नाम से विजेंद्र का लिखा एक सुसाइड नोट बरामद किया। दोनों के नहर में गिरने की आशंका के चलते सूरेवाला से गोताखोर बुलाए गए। करीब 11 बजे पांच गोताखोर व जाल की मदद से उनकी तलाश शुरु की गई लेकिन वे असफल रहे। पांच घंटे की मशक्कत के बाद लोहे के कांटेदार जाल में फंसकर उनके शव करीब 200 मीटर की दूरी पर दोपहर 3.30 बजे बरामद हुए। वे दोनों एक दुपट्टे से कमर पर एक-दूसरे में बंधे हुए थे।
ऐसे लगा पता
इस दौरान सुबह से ही सुलोचना के पीहर ढाणी केहरवाला (हरियाणा) व बोलांवाली से दोनों पक्षों के परिजन, रिश्तेदार व ग्रामीण मौके पर जमा रहे। बताया कि मृतक भीमसेन सीरी खेती करता था। वह सुबह पूर्णाराम के खेत से उसे बिना बताए बाइक लेकर निकल गया। करीब पौने पांच बजे उसने अपनी प्रेमिका सुलोचना को मोबाइल पर फोन कर बुलाया। सुलोचना का पति सुभाष खेत में पानी देकर सुबह चार बजे घर आकर सो गया, पर दोनों बच्चियां के रोने की आवाज सुनकर जब उठा तो पत्नी गायब मिली। जब दोनों परिवारों को एक-दूसरे की महिला-पुरुष गायब होने का पता चला चला तो उनके होश फाख्ता हो गए।
प्रेम प्रसंग का है मामला
थाना प्रभारी मोहर सिंह पूनियां के अनुसार बरामद सुसाइड नोट में दोनों युगल के बीच प्रेम प्रसंग होने की बात उजागर हुई। जिसका गांव में किसी को पता तक नहीं था। पत्र में उन्होंने अपनी मर्जी से आत्महत्या करने सहित अपने छोटे भाई नरेंद्र की पढ़ाई और उसके नौकरी लगने पर आत्मा को सुकून मिलने की आस जताई है।
ऐसी दुनिया में जा रहे जहां नहीं है रोक-टोक
भीमसेन ने लिखा कि वे दोनों प्यार करते हैं। शिकारी उनके पीछे लग गए हैं। इसलिए वे अब ऐसी सुंदर जगह जा रहे हैं जहां कोई रोक-टोक नहीं है। दोनों का प्यार अमर व अमिट है।
दोनों हैं विवाहित
सुलोचना व भीमसेन दोनों विवाहित हैं। भीमसेन की पत्नी गर्भवती है। जबकि सुलोचना अपनी छह माह की दुधमुंही व पांच साल की बेटी को बिलखता छोड़ गई। सुलोचना के पति सुभाष की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।