
हनुमानगढ़। घग्घर नदी में पानी का प्रवाह लगतार तेज हो रहा है। पांच सितम्बर 2025 को गुल्लाचिक्का हैड पर पानी की मात्रा बढ़कर 50134 क्यूसेक हो गई। खनौरी हैड पर 13875, चांदपुर हैड पर 14800, ओटू हैड पर 21500, घग्घर साइफन में 18002 तथा नाली बेड में 5747 क्यूसेक पानी चला। नदी में पानी की भारी आवक को देखते हुए जीडीसी व नाली बेड के तटबंधों को मजबूत करने का काम तेज कर दिया गया है।
मुख्य अभियंता की फटकार के बाद शुक्रवार को पूरा नहरी महकमा पटरी की मजबूती में जुटा रहा। अधीक्षण अभियंता संजीव वर्मा ने बताया कि जीडीसी के पटड़ों को दुरुस्त करने के लिए पंद्रह टीमें लगातार काम कर रही है। नदी क्षेत्र में तेज बारिश के बाद पड़े कटाव को एक्सक्वेटर व लोंगबूम मशीनों को लगाकर बंद किया जा रहा है। मिट्टी के थैले भरवाकर तटबंधों के आसपास रखवाए जा रहे हैं। संभावित बाढ़ के खतरे को टालने में पूरा सरकारी तंत्र जुटा हुआ है। वहीं नदी क्षेत्र के आसपास भूमि का जल स्तर काफी ऊपर उठ रहा है।
इससे आसपास के किसानों में बेचैनी बढ़ रही है। गौरतलब है कि गुरुवार को मुख्य अभियंता प्रदीप रुस्तगी ने नदी क्षेत्र का दौरा किया था। इस दौरान नदी क्षेत्र के कमजोर पटड़ों को देखकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की थी। नदी तटों पर तैनात किए अधिकारियों को दो दिन के भीतर स्थिति में सुधार करने का निर्देश दिया है। इसके तहत शुक्रवार को नदी तटों की तस्वीर बिल्कुल बदली हुई नजर आई।
विभाग की ओर से गठित टीमें तटों की मजबूती में जुटी रही। नदी क्षेत्र की कमजोर स्थिति को लेकर राजस्थान पत्रिका लगातार समाचारों के माध्यम से सरकारी तंत्र को जगाने का प्रयास कर रही है। पांच सितम्बर 2015 के अंक में पत्रिका ने 'घग्घर नदी में बढ़ रहे पानी से फूले हाथ-पांव कमजोर पटड़े बढ़ा सकते हैं मुसीबत' शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। अब नहरी महकमे के अफसर नदी क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी कार्य को युद्ध स्तर पर शुरू करवा कर पूरा करवाने का प्रयास कर रहे हैं। ताकि संभावित बाढ़ के खतरे को टाला जा सके।
राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा शनिवार को जिले के दौरे पर रहेंगे। वे यहां घग्घर नदी क्षेत्र का निरीक्षण करने के साथ ही बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। मंत्री गोदारा बीकानेर से प्रात: 8 बजे प्रस्थान कर दोपहर 12 बजे हनुमानगढ़ पहुंचेंगे। यहां 12 से 12.30 बजे तक वे टाउन-जंक्शन रोड स्थित घग्घर नदी का जायजा लेंगे। इसके बाद 1.30 बजे तक कलक्ट्रेट सभागार में जिले के बचाव एवं राहत कार्यों से संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। दोपहर 2.20 बजे मंत्री गोदारा पत्रकार वार्ता को संबोधित करेंगे।
इसके अलावा डबलीराठान उपतहसील क्षेत्र के गांवों पास भी घग्घर नदी में दिनों दिन बढ़ते पानी प्रवाह के खतरे को लेकर प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक लगातार घग्घर नदी प्रवाह एवं पीछे से नदी में आने वाले पानी की पल- पल की रिपोर्ट लेते हुए सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए आपदा प्रबंधन आदि इतंजाम पर नजर रख रहे हैं।
सरपंच प्रशासक महेंद्र सिंह सुमल ने बताया कि घग्घर नदी के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए तटबंधों की मजबूती करने के लिए बड़ी संख्या में मनरेगा श्रमिक थैलों में मिट्टी भरने में जुटे हुए हैं। इसके अलावा श्रीगंगानगर जिले में भी घग्घर नदी के बढ़ रहे जलस्तर से किसानों की रात की नींद उड़ गई है। अनूपगढ़ इलाके में किसान खुद नदी का बंधा मजूबत कर रहे हैं।