हनुमानगढ़

पत्रिका टॉक शो में उठी मांग, हनुमानगढ़ स्पिनिंग मिल संचालन को स्थानीय स्तर पर बने कमेटी

हनुमानगढ़. जिला मुख्यालय पर स्थापित सहकारी स्पिनिंग मिल हनुमानगढ़ के संचालन को लेकर सरकार की मंशा ज्यादा ठीक नजर नहीं आ रही है। स्थिति यह है कि मिल संचालन मामले में गत गहलोत सरकार की बजट घोषणा के बाद भी हनुमानगढ़ की सहकारी स्पिनिंग मिल को आवश्यक बजट जारी करने को लेकर किसी तरह का निर्णय नहीं लिया गया है। यह बात रविवार को पत्रिका टॉक शो में मौजूद लोगों ने कही।
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पत्रिका टॉक शो में उठी मांग, हनुमानगढ़ स्पिनिंग मिल संचालन को स्थानीय स्तर पर बने कमेटी
पत्रिका टॉक शो में उठी मांग, हनुमानगढ़ स्पिनिंग मिल संचालन को स्थानीय स्तर पर बने कमेटी

पत्रिका टॉक शो में उठी मांग, हनुमानगढ़ स्पिनिंग मिल संचालन को स्थानीय स्तर पर बने कमेटी
- फिर आवश्यक बजट मंजूर करे सरकार
- मिल संचालन को लेकर दिए सुझाव
-स्पिनफैड में तैनात अवसायक को हटाने की मांग, मिल में आईएएस या आरएएस अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपे सरकार
हनुमानगढ़. जिला मुख्यालय पर स्थापित सहकारी स्पिनिंग मिल हनुमानगढ़ के संचालन को लेकर सरकार की मंशा ज्यादा ठीक नजर नहीं आ रही है। स्थिति यह है कि मिल संचालन मामले में गत गहलोत सरकार की बजट घोषणा के बाद भी हनुमानगढ़ की सहकारी स्पिनिंग मिल को आवश्यक बजट जारी करने को लेकर किसी तरह का निर्णय नहीं लिया गया है। यह बात रविवार को पत्रिका टॉक शो में मौजूद लोगों ने कही। इस दौरान लोगों का कहना था कि राजस्थान राज्य सहकारी स्पिनिंग एवं जिनिंग मिल्स फैडरेशन लिमिटेड (स्पिनफैड) में अब भी सरकार ने अवसायक नियुक्त कर रखा है। जबकि सरकार की मंशा यदि इसे चलाने की है तो अवसायक को हटाकर किसी अन्य आईएएस या आरएएस अधिकारी को हनुमानगढ़ सहकारी स्पिनिंग मिल के मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी सौंपे। एकजुट होकर सभी लोगों ने मांग की सरकार इस मिल को चलाने के लिए पहले अवसायक को हटाए तथा हनुमानगढ़ यूनिट को फैडरेशन से अलग करके मिल संचालन के लिए सरकार बजट जारी करे। इससे मिल संचालन का रास्ता साफ हो सकेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर तकनीकी कमेटी गठित करके स्थानीय स्तर पर मिल संचालन का कार्य शुरू करवाने का सुझाव भी दिया। मिल चलने से बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। इस मौके पर एडवोकेट अमित माहेश्वरी ने कहा कि हनुमानगढ़ विधायक गणेशराज बंसल मिल संचालन मामले को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने विधानसभा में प्रश्न भी लगा रखा है। इसकी तकनीकी कमियों को दूर करके ही आगे का रास्ता साफ हो सकता है। समाजसेवी सुमन चावला ने कहा कि हनुमानगढ़ की धागा मिल शहर की शान है। इसके धागे की चमक देश-विदेश में थी। लेकिन राजनीति की वजह से यह मिल बंद हो गई। श्रमिक नेता मूलचंद ने कहा कि मिल में आधुनिक मशीनें लगाई गई थी। उनकी सर्विसिंग करवाकर फिर से धागा उत्पादन किया जा सकता है। धागा मिल में मेंटनेस विंग के पुराने कर्मचारी आज भी सेवा देने को तैयार हैं। सरकार चाहे तो इनको अनुबंध पर लगाकर तथा नई भर्ती करके इस मिल का संचालन शुरू कर सकती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर अलग से तकनीकी कमेटी बनाकर मिल की मशीनों का सर्वे करवाया जा सकता है। जिससे अंदाजा लगाया जा सके कि मिल संचालन को लेकर कितनी राशि की जरूरत पड़ेगी। भाजपा नेता कृष्ण तायल ने कहा कि हनुमानगढ़ की सहकारी स्पिनिंग मिल का संचालन आसानी से शुरू हो सकता है। सरकार जल्द हनुमानगढ़ की मिल के लिए बजट स्वीकृत करे। ताकि मिल में धागे का उत्पादन शुरू हो सके। पार्षद गुरदीप चहल ने कहा कि हनुमानगढ़ की धागा मिल को चलाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। गहलोत सरकार ने इसे चलाने की घोषणा की। अब नई सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह इसकी पालना करे और मिल संचालन के लिए बजट स्वीकृत करे। जिससे क्षेत्र में बेरोजगारी की स्थिति दूर होगी। कांगे्रस नेता मनोज बड़सीवाल ने कहा कि शहर के बेरोजगार युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे है। वह अपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो रहे हैं। यदि धागा मिल का संचालन शुरू हो जाए तो उनको रोजगार मिल जाएगा। ऐसे में इस तरह की समस्या का समाधान भी होगा। सरकार को इस बारे में गंभीर होना पड़ेगा। लेखा शाखा के सेवानिवृत्त अधिकारी अशोक गांधी ने कहा कि धागा मिल जब चलती थी तो पूरे शहर में रौनक रहती थी। हूटर से शहर जागता था। लेकिन मिल बंद होने से मजदूर बेरोजागर हो गए। शहर हित में जल्द सरकार को मिल के लिए बजट स्वीकृत करना चाहिए। व्यापारी नेता प्यारेलाल बंसल ने कहा कि शहर की धागा मिल से बाजार को बहुत फायदा था। आसपास में कई बाजार इस मिल की वजह से आबाद हुए। ऐसे में सरकार को बजट जारी करके, मिल में धागा उत्पादन कार्य जल्द शुरू करना चाहिए।

मुनाफे में रही मिल
टॉक शो में वक्ताओं ने कहा कि हनुमानगढ़ की सहकारी स्पिनिंग मिल शुरुआती दिनों में हमेशा फायदे में रही। बाद में प्रदेश की अन्य मिलों को मिलाकर फैडरेशन बना दिया गया। इसके बाद हनुमानगढ़ की मिल का संचालन भी जयपुर में बैठे अफसर करने लगे। कपास आदि की खरीद स्थानीय स्तर पर नहीं करके अन्य राज्यों से करने लगे। इस तरह मिल का प्रबंधन बिगड़ता चला गया। 1992-93 में हनुमानगढ़ स्पिनिंग मिल के खाते से गुलाबपुरा यूनिट को करीब आठ करोड़ रुपए बिना किसी कारण के जारी कर दिए गए। इससे हनुमानगढ़ मिल का लाभांश कम हो गया। अब प्रदेश की नई सरकार यदि नैतिक रूप से उक्त राशि भी यदि ब्याज सहित हनुमानगढ़ मिल को लौटा दे तो मिल की मशीनें फिर चलने लगेगी।

कल जयपुर में होगी चर्चा
राजस्थान राज्य सहकारी स्पिनिंग एवं जिनिंग मिल्स फैडरेशन लिमिटेड (स्पिनफैड) के अवसायक भंवर सिंह बाजिया ने हनुमानगढ़ सहित अन्य यूनिट की मिलों के लेखा संबंधी मामलों पर चर्चा के लिए पांच फरवरी को बैठक बुलाई है। स्पिनफैड प्रधान कार्यालय जयपुर में होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए हनुमानगढ़ सहकारी स्पिनिंग मिल के कारखाना प्रबंधक तथा लेखाधिकारी को अवगत करवाया गया है। हनुमानगढ़ की मिल से संबंधित लेखाजोखा तैयार करके पांच फरवरी को बैठक में रखा जाएगा। इसकी जानकारी हनुमानगढ़ धागा मिल के कार्यवाहक कारखाना प्रबंधक मनोज कुमार मान ने दी।

Published on:
04 Feb 2024 09:15 pm