
नशा मुक्ति केन्द्रों की जांच के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित
- कलक्टर के आदेश पर कमेटी का गठन
- नशा मुक्ति केन्द्रों के खिलाफ बढ़ रही शिकायतों के दृष्टिगत निर्णय
हनुमानगढ़. जिला प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देश पर अब जिला प्रशासन नशा मुक्ति केंद्रों की निगरानी को लेकर चेता है। मंत्री ने पुलिस अधीक्षक को नशाखोरी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अलग से टास्क फोर्स गठित करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद सोमवार को जिला कलक्टर जाकिर हुसैन ने सीएमएचओ डॉ. अरुण चमडिय़ा को निर्देश दिया है कि टीम बनाकर नशा मुक्ति केन्द्रों की जांच करें। कलक्टर ने कहा कि नशा मुक्ति केन्द्रों को लेकर मिल रही शिकायतों को देखते हुए यह देखें कि नशा मुक्ति केन्द्र सही तरीके से चल रहे हैं या नहीं। कहीं इन केन्द्रों पर प्रतिबंधित दवाईयां तो नहीं बिक रही। इसके अलावा नशा मुक्ति केन्द्र नियमों के मुताबिक चल रहे हैं या नहीं। इसकी भी जांच की जाएगी। केन्द्रों के रजिस्ट्रेशन को भी जांचा जाएगा। इसके अलावा जिला कलक्टर ने मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सीएमएचओ ने बताया कि पिछले सप्ताह 13 सैंपल दूध के लिए गए जिसमें से 9 की रिपोर्ट में 7 सैंपल पास और 2 फेल पाए गए। जिला कलक्टर ने फेल पाए गए सैंपल को लेकर सीएमएचओ से मिवावट का प्रकार पूछा तो उन्होने इसके बारे में जानकारी नहीं मिलने की बात कही। इस पर कलक्टर ने निर्देश दिया कि मिलावट में किस चीज की मिलावट की गई है उसकी जानकारी भी मिलनी चाहिए। तभी हम प्रभावी कार्रवाई कर पाएंगे। बैठक में कलक्टर ने स्वाइन फ्लू से बचने को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए निर्देशित करते हुए कहा कि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मंदिर और मस्जिद समेत भीड़ भाड़ वाली जगहों पर स्वाइन फ्लू से बचाव और उसके लक्ष्ण से संबंधित पोस्टर लगाए जाएं। साथ ही कहा कि लोगों को इस बारे में जागरूक किया जाए कि अगर उन्हें जुकाम है और उन्हें बुखार आ रहा है या आंखे लाल हो रही है तो उसे तुरंत डॉक्टर को चेक करवाएं। बैठक में सीएमएचओ ने जिले में 104 और 108 की नई गाडिय़ां खरीदने को लेकर बताया कि जिले में पिछले पांच सालों से 104 और 108 की नई गाड़ी नहीं आई है। सीईओ जिला परिषद नवनीत कुमार, एसडीएम सुरेन्द्र सिंह पुरोहित, पीआरओ सुरेश बिश्नोई, एसई जोधपुर डिस्कॉम एमएस चारण, नगर परिषद कमीश्नर शैलेन्द्र गोदारा समेत पीएचईडी, शिक्षा, पीडब्ल्यूडी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल थे।