
मिशन शिखर से पहले पटक ना दे कमजोर कड़ी, मजबूत करने के लिए की जा रही विशेष तैयारी
- कमजोर परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों को सुधार को लेकर विशेष निर्देश
- गत सत्र में 22 विद्यालयों का परीक्षा परिणाम रहा था साठ प्रतिशत से कम
हनुमानगढ़. सरकारी पाठशालाओं का बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने का प्रयास कर रहे शिक्षा विभाग ने कमजोर कड़ी की पहचान कर उसे मजबूत करने का प्रयास शुरू कर दिया है। दरअसल, जिले में नवाचार के तौर पर मिशन शिखर चलाया जा रहा है। इसके तहत सरकारी विद्यालयों में नियमित टेस्ट लेकर विद्यार्थियों की विषय संबंधी कमजोरी दूर की जा रही है। मगर शिक्षा अधिकारियों की असल दिक्कत गत सत्र में कमजोर परीक्षा परिणाम देने वाले स्कूल हैं, जो मिशन शिखर हासिल करने में आड़े आ सकता है।
इसलिए जिले के 22 ऐसे राजकीय माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों की पहचान की गई है, जिनका गत शिक्षा सत्र में बोर्ड परीक्षा परिणाम साठ प्रतिशत से कम रहा था। उनके संस्था प्रधानों तथा शिक्षकों को शैक्षणिक सुधार को लेकर अलग से निर्देश जारी किए गए हैं। संख्यात्मक एवं गुणात्मक सुधार के लिए विशेष प्रयास करने को कहा ताकि मिशन शिखर हासिल किया जा सके। गौरतलब है कि दो साल पहले मिशन मेरिट के नवाचार से सरकारी पाठशालाओं के बोर्ड परीक्षा परिणाम में जबरदस्त सुधार आया था। दसवीं बोर्ड में हनुमानगढ़ जिले का कुल परीक्षा परिणाम चार प्रतिशत बढ़ गया था। उसी तर्ज पर अब मिशन का विस्तार कर मिशन शिखर शुरू किया गया है। मिशन मेरिट में जहां जिले के चुनिंदा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को ही एक जगह ठहरा कर विशेष अध्ययन कराया जाता था। वहीं अब मिशन शिखर प्रत्येक सरकारी विद्यालय में चलाया जा रहा है। वहां बोर्ड संबंधी कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। मिशन मेरिट में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों पर अपेक्षाकृत ज्यादा ध्यान रहता था। लेकिन मिशन शिखर से कमजोर विद्यार्थियों को भी लाभ होगा। बोर्ड पैटर्न पर नियमित टेस्ट देकर वे बोर्ड परीक्षा के हौव्वे से मुक्त हो जाएंगे। कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित कर अलग से अध्ययन कराने से ओवरऑल परिणाम सुधरने की संभावना है।
इन पर ज्यादा ध्यान
राजकीय आउमावि मिर्जावाली मेर, पीर कामडिय़ा, खाराखेड़ा, नाईवाला, राठीखेड़ा व बालिका मावि मिर्जावाली मेर का बोर्ड परीक्षा परिणाम साठ प्रतिशत से कम रहा था। इसी तरह हनुमानगढ़ ब्लॉक के आदर्श उमावि किशनपुरा दिखनादा, भोमपुरा, अमरपुरा थेड़ी व मावि मोहन मगरिया तथा भादरा ब्लॉक के राआमावि बीड़ भादरा का परिणाम साठ फीसदी से कम रहा। इस श्रेणी में पीलीबंगा ब्लॉक के आदर्श बालिका उमावि गोलूवाला व बालिका उमावि जाखड़ांवाली, रावतसर ब्लॉक के आदर्श उमावि कनवानी, 22 एजी व नैयासर, नोहर ब्लॉक के आदर्श उमावि रामगढ़, मेघाना, जबरासर, गोगामेड़ी व उमावि नोहर तथा मावि नीमला भी शामिल हैं।
28 तक रीक्षा
मिशन शिखर के तहत कक्षा दस तथा बारहवीं के विद्यार्थियों के 28 फरवरी तक टेस्ट होंगे। यह नियमित अंतराल से हो रहे हैं। इसके लिए प्रश्न पत्र बोर्ड पैटर्न के आधार पर तैयार कर विद्यालयों में भेजे जा रहे हैं। जिले के सभी चिह्नित सरकारी विद्यालयों में यह टेस्ट एक साथ हो रहे हैं। बोर्ड परीक्षा की तरह तय समय में ही पेपर हल कराया जा रहा है।