हनुमानगढ़

राजस्थान गौरव यात्रा के बीच फूटा किसानों का गुस्सा, बोले, सरकार किसान हितैषी नहीं

https://www.patrika.com/rajasthan-news/
2 min read
• •
Updated: 7 Aug 2018, 3:21 PM IST
farmers protesting against state government in Rajasthan
farmers protesting against state government in Rajasthan

संगरिया/ हनुमानगढ़। स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने, कर्जा मुक्ति, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गारंटीशुदा फसल खरीद, फसल बीमा की बढी राशि वापिस लेने जैसे मुद्दों को लेकर 9 अगस्त को किसान प्रदर्शन करते हुए एसडीएम कार्यालय पर जाकर अपनी गिरफ्तारियां देंगे। अखिल भारतीय किसान सभा के पूर्व जिला अध्यक्ष रामकुमार नुकेरा, नौजवान सभा सचिव हरिकृष्ण राहड़, भूपेंद्र धालीवाल, रणवीर कड़वासरा, सुधीर बिश्रोई, शंकरलाल वर्मा आदि ने मंगलवार को भगतपुरा, ढाबां, दीनगढ़, भाखरांवाली व चक हीरासिंहवाला आदि गांवों में जाकर किसानों से जन संपर्क किया। उन्होंने किसानों से आंदोलन में अधिकाधिक तादाद में पहुंचने की अपील करते हुए कहा कि ये सरकार किसान हितैषी नहीं है। किसान कर्ज के बोझ तले दब रहा है वहीं फसल बीमा के नाम पर लूटा जा रहा है। किसान अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं, बावजूद इसके सुनवाई नहीं हो रही। जिससे किसान वर्ग में आक्रोश फैला हुआ है। आंदोलन को माकपा, एसएफआई, जनवादी नौजवान सभा ने समर्थन दिया है।


किसान हो रहे परेशान
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2018 में फसल बीमा प्रीमियम में की गई बढ़ोतरी से किसान परेशान हो रहे हैं। सिंचित क्षेत्र में गारंटीड उपज प्रत्येक वर्ष कम कर किसानों की लूट बंद करने की मांग को लेकर किसानों का प्रतिनिधिमंडल कलक्टर दिनेशचंद्र जैन से मिला था।


इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन कलक्टर को सौंपा। जिसमें सिंचित क्षेत्र की कपास एव धान की फसल को बीमा योजना से बाहर करने की मांग की। साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने संशोधित राष्ट्रीय फसल बीमा योजना 2015 में लागू होने से लेकर 2018 तक कि गई प्रीमियम वृद्धि को किसानों पर डाका बतलाया। समस्याओं का समाधान नहीं होने पर किसानों ने 20 अगस्त को जिला कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी।


खेती बचाओ-किसान बचाओ
खेती बचाओ-किसान बचाओ मोर्चा के प्रवक्ता ओम जांगू,भाखड़ा किसान संघर्ष समिति अध्यक्ष अशोक चौधरी, दयाराम, जसवंत नगराना, विजय पूनियां व कुलविंदर ढिल्लो आदि मौजूद रहे। प्रतिनिधि मंडल ने आरोप लगाया कि सरकार की वर्तमान व्यवस्था से किसान लूट रहे हैं और बीमा कंपनी वाले निहाल हो रहे हैं। किसान प्रतिनिधियों की सलाह के आधार पर ही उपज निर्धारित कर बीमा प्रीमियम निर्धारित करने की मांग की।


बीमा नहीं होने से किसान हताश
वहीं पल्लू कस्बे के भारतीय स्टेट बैंक से जुड़े आसपास के दर्जनों गांवों के किसान फसल बीमा को लेकर बेहद परेशान हैं। बैकों की दो दिनों की छुट्टी के बाद सोमवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल बीमा करवाने किसानों का सैलाब उमड़ पड़ा।यहां तक की बैंक की परिधि खचाखच भर जाने के बाद किसान बैंक के सामने चिलचिलाती धूप में भी डटकर अपनी बारी का इन्तजार करते रहे। आखिर किसानों को हताश होकर घरों को लौटना पड़ा। यही हाल मंगलवार को रहा। ई मित्र की दुकानों पर वेबसाइट नहीं खुलने के कारण किसानों को इधर से उधर दिन भर भटकते रहे। मंगलवार को फसल बीमा करवाने की अन्तिम तिथि होने के कारण किसानों में खलबली मची रही।

Published on: