घग्घर नदी उफान पर है। हरियाणा स्थित ओटू हैड पर शुक्रवार को 22 हजार क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा था। वहीं, राजस्थान क्षेत्र में घग्घर साइफन सिस्टम में 9100, नाली बेड में 4000, जीडीसी आरडी 42 में 5000 व एसओजी ब्रांच में 1700 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा था।
हनुमानगढ़। घग्घर नदी उफान पर है। हरियाणा स्थित ओटू हैड पर शुक्रवार को 22 हजार क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा था। वहीं, राजस्थान क्षेत्र में घग्घर साइफन सिस्टम में 9100, नाली बेड में 4000, जीडीसी आरडी 42 में 5000 व एसओजी ब्रांच में 1700 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा था। इससे घग्घर नदी के तट खतरे में पड़ गए हैं।
संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने हनुमानगढ़, टिब्बी और पीलीबंगा तहसील के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में आगामी आदेश तक अवकाश घोषित किया है। अधिकारियों व कर्मचारियों के अवकाश रद्द कर दिए गए हैं।
सुरक्षा की दृष्टि से सेना ने जिले का नक्शा तैयार किया है, ताकि बाढ़ का खतरा होने पर स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। आपदा की स्थिति में 24 घंटे पेट्रोल पंप और राशन के दुकानों पर सामग्री आरक्षित रखने को लेकर पाबंद किया गया है। नहरी व घग्घर बाढ़ नियंत्रण की टीम दिन-रात पानी की पहरेदारी में जुटी हुई है। जैसे-जैसे पानी का प्रवाह बढ़ रहा है, वैसे-वैसे घग्घर नदी के आसपास बसे गांव के लोगों की धडकऩें बढ़ रही है।
वहीं, टिब्बी एसडीएम स्वाति गुप्ता ने आदेश जारी कर अति संवेदनशील गांव पीरकामडिय़ा, पन्नीवाली, शेरेकां व कमरानी के चिन्हित किए गए लोगों को शुक्रवार रात तक सुरक्षित स्थानों अथवा प्रशासन के बनाए गए राहत शिविरों में शरण लिए जाने का कहा है।