
हनुमानगढ़. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने उत्तर मैट्रिक छात्रवृति योजना में आवेदन पत्र भरवाए जाने की तिथि बढ़ा दी है। अब उच्च शिक्षा के लिए अध्ययनरत विद्यार्थी 28 फरवरी तक योजना के तहत आवेदन पत्र ऑन लाइन भरवा सकेंगे। पहले यह तिथि 31 जनवरी थी। जिस तरह अंतिम तिथि बढ़ाई गई है, उससे वर्तमान वित्तीय वर्ष में सभी आवेदकों को छात्रवृति मिलना मुश्किल प्रतीत हो रहा है।
विभाग उत्तर मैट्रिक छात्रवृति योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के बीपीएल परिवार, स्पेशल पिछड़ा वर्ग, मुख्यमंत्री सर्वजन योजना और राजकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृति उपलब्ध करवाता है। इसके तहत ग्यारहवीं, बारहवीं, स्नातक, स्नातकोत्तर और व्यवसायिक पाठयक्रमों के लिए छात्रवृति वितरित की जाती है। यह छात्रवृति वित्तीय वर्ष के अनुरूप उपलब्ध करवाई जाती है लेकिन पिछले कई वर्षों से कभी भी वित्तीय वर्ष की समाप्ति 31 मार्च तक सभी आवेदकों को छात्रवृति उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। हालात यह होती है कि वित्तीय वर्ष समाप्त हो जाता है, शैक्षणिक सत्र बीत जाता है, नया सत्र आरंभ हो जाता है और विद्यार्थियों को छात्रवृतियां बांटने का कार्य चलता रहता है।
देरी के आलम का अंदाज इससे लगाया जा सकता है कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2018-19 के लिए उत्तर मैट्रिक योजना के तहत 15 नवम्बर के बाद आवेदन आमंत्रित किए गए और इसकी अंतिम तिथि 31 जनवरी रखी गई। इससे उम्मीद जगी कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक सभी को छात्रवृति मिल जाएगी लेकिन हाल ही में फिर तिथि बढ़ा कर 28 फरवरी कर दी गई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार 28 फरवरी तक विद्यार्थी आवेदन पत्र भर सकेंगे और इसके एक सप्ताह बाद तक संस्थाएं आवेदन स्वीकृति कर विभाग को पे्रषित करेंगी। इसके पश्चात विभाग जांच कर छात्रवृति वितरित करेगा।
वर्तमान में विभाग के पास 11 हजार 800 आवेदन जमा हो चुके हैं। इनमें अनुसूचित जाति में 8788, अनुसूचित जनजाति में 203, अन्य पिछड़ा वर्ग बीपीएल में 2732, स्पेशल पिछड़ा वर्ग में 38, मुख्यमंत्री सर्वजन योजना में 17 एवं सामान्य वर्ग के आर्थिक पिछड़ा वर्ग में 22 आवेदन पत्र जमा हुए हैं जबकि गत वर्ष 12 हजार 705 आवेदन पत्र ऑन लाइन जमा हुए थे। जिनमें से नौ हजार ८८३ आवेदकों को छात्रवृति मिली थी। खास बात यह है कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आवेदकों को अभी भी विभाग छात्रवृति वितरित कर रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों के अनुसार विभाग का प्रयास होता है कि सभी को छात्रवृति मिले, इसी कारण आवेदन पत्र भरवाने का कार्य चलता है।
जांच कार्य जारी
नियमानुसार छात्रवृति के आवेदन पत्र शैक्षणिक सत्र के साथ ही भरवाए जाने का कार्य आरंभ होना चाहिए लेकिन यह देरी से चल रहा है। फिर भी हमारा प्रयास होता है कि वित्तीय की समाप्ति तक अधिकतम को छात्रवृति जारी कर दें, जो आवेदक रह जाते हैं तो उन्हें आगामी वर्ष में भी राशि देने का कार्य करेंगे।
- विक्रम सिंह शेखावत, सहायक निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हनुमानगढ़।