हनुमानगढ़. जिले की जाखड़ांवाली क्षेत्र में कैप्टन केएल गोदारा की बेटी लक्ष्या गोदारा की नियुक्ति भारतीय नौसेना में अधिकारी पद पर हुई है। इससे ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।
हनुमानगढ़. जिले की जाखड़ांवाली क्षेत्र में कैप्टन केएल गोदारा की बेटी लक्ष्या गोदारा की नियुक्ति भारतीय नौसेना में अधिकारी पद पर हुई है। इससे ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। बताया जा रहा है कि आसपास के गांवों में भारतीय नौसेना में अफसर पद पर पहुंचने वाली लक्ष्या एकमात्र महिला है। 25 मई 2024 को भारतीय नौसेना अकादमी में आयोजित भव्य समारोह में लक्ष्या को उनके रैंक से सम्मानित किया गया।
उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा देश भर के विभिन्न रक्षा और कॉन्वेंट स्कूलों में की है। लक्ष्या की हमेशा से सह.पाठयक्रम और साहसिक गतिविधियों में रुचि रही है। उन्होंने नौकायन, लक्षद्वीप में जल गतिविधियों, पर्वत पर फिसलन और घुड़सवारी में भाग लिया है। वह एक बेहतरीन तैराक और स्टेज परफार्मर भी रही हैं।
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में परफेक्ट 10 सीजीपीए स्कोर करने के बावजूद उन्होंने बीए एलएलबी, ऑनर्स किया। उन्होंने बेंगलुरु की एक शीर्ष लॉ फर्म में दो साल तक काम किया। जहां उन्हें आकर्षक वेतन और सुविधाएं मिलीं। लेकिन सशस्त्र बलों के प्रति उनका प्यार उन्हें लंबे समय तक दूर नहीं रख सका। उनके पास तीनों सेनाओं के लिए चयन में सफल होने की अनूठी उपलब्धि है।
ग्रामीणों के अनुसार लक्ष्या के पिता कैप्टन केएल गोदारा को भी अपने समय में सैनिक स्कूल से एनडीए में शामिल होने वाले एकमात्र व्यक्ति होने का गौरव प्राप्त है। अब बेटी लक्ष्या ने अफसर बनकर पिता का नाम रोशन किया है। लक्ष्या के दादा रुघा राम गोदारा और नाना नरेंद्र डोटासरा साधारण किसान रहे हैं। लक्ष्या की उपलब्धि वास्तव में इस क्षेत्र की सभी लड़कियों के लिए एक सम्मान और अनुकरणीय उदाहरण है।लक्ष्या के नाना नरेंद्र डोटासरा उनकी पासिंग आउट परेड के लिए भारतीय नौसेना अकादमी गए थे।
हनुमानगढ़ जिले की बात करें तो यहां पर नौ सेना में अफसर रैंक तक पहुंचने वाली महिलाओं की संख्या नामात्र रही है। ऐसे में लक्ष्या के अफसर बनने से दूसरी बेटियों को भी हौसला मिला है। लक्ष्या के अनुसार मन में यदि मजबूत विश्वास हो तो हर मुश्किल आसान बन जाती है। इसलिए लड़कियों को चाहिए कि वह मन से पढ़ाई करें। मन से मजबूत बनने पर कामयाबी जरूर मिलती है।