हनुमानगढ़. मूलत: श्रीगंगानगर जिले की बींझबायला निवासी देवांश सारस्वत का चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए हुआ है। उनके चयन से परिजनों में खुशी का माहौल है। देवांश के ताऊ व हनुमानगढ़ जिला कलक्ट्रेट में तहसील कार्यालय में कार्यरत पेशकार सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि देवांश बचपन से पढ़ाई में होशियार था। भारतीय प्रशासनिक सेवा […]
हनुमानगढ़. मूलत: श्रीगंगानगर जिले की बींझबायला निवासी देवांश सारस्वत का चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए हुआ है। उनके चयन से परिजनों में खुशी का माहौल है। देवांश के ताऊ व हनुमानगढ़ जिला कलक्ट्रेट में तहसील कार्यालय में कार्यरत पेशकार सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि देवांश बचपन से पढ़ाई में होशियार था। भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा 2025 के जारी परिणाम में उसने 221 वां रैंक हासिल किया है। देवांश ने दसवीं की परीक्षा कैंचिया से उत्तीर्ण की थी। बाद में विभिन्न स्थानों से उच्च शिक्षा ग्रहण कर भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा में शामिल हुआ। देवांश के पिता दयाराम सारस्वत पदमपुर के बार संघ अध्यक्ष रह चुके हैं। माता मंजू अधिवक्ता हैं। देवांश के चयन से परिजन काफी उत्साहित हैं। इससे पहले वर्ष 2024 में सिविल सर्विसेज परीक्षा में देवांश ने 374 वां रैंक हासिल किया था। इसके बाद उसका चयन भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के लिए हुआ था। इस बार उसने रैंक में सुधार करते हुए 221 वां रैंक हासिल किया है।