
-सिंचाई विभाग में अधिशासी अभियंता की सेवानिवृत्ति के बाद कुर्सी का कोई नहीं रखवाला
हनुमानगढ़. जिले का अर्थतंत्र भले नहरी तंत्र पर निर्भर हो लेकिन इस अहम विभाग की अहमियत शायद सरकारी तंत्र नहीं समझ रहा है। इसलिए तो भाखड़ा नहर परियोजना के सेकेंड डिविजन में अधिशासी अभियंता की कुर्सी पांच दिनों से खाली पड़ी है। हालात ऐसे हैं कि इस कुर्सी का इकबाल बनाने वाला कोई नहीं है। जानकारी के अनुसार ३१ जनवरी को भाखड़ा परियोजना में एक्सईएन खंड द्वितीय पद पर लगे पवन कुमार शर्मा सेवानिवृत्त हो गए। हैरानी की बात है कि ना तो पवन कुमार शर्मा ने सेवानिवृत्ति से पहले अपने किसी अधीनस्थ अभियंता को चार्ज देना उचित समझा और ना ही मुख्य अभियंता ने इस संबंध में किसी तरह का निर्देश जारी किया। इस स्थिति में एक्सईएन की कुर्सी पांच दिनों से खाली पड़ी है। ऐसे में पानी की बारी, नक्के, खाले व रास्ता विवाद को लेकर फरियाद लेकर आने वाले किसान निराश लौट रहे हैं। दूसरी तरफ फरवरी के प्रथम सप्ताह में नहरी चुनाव भी होने थे। वह प्रक्रिया भी अधिशासी अभियंता के नहीं होने के कारण ठप्प पड़ी है। गत माह जल संसाधन विभाग ने भाखड़ा नहर द्वितीय खंड में ३९ नहरों के चुनाव करवाने को लेकर तैयारी शुरू कर दी थी। जिसके तहत वोटर लिस्ट बनाने का काम अंतिम चरण में है। चुनाव को लेकर नहरी विभाग के संबंधित पटवारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। चुनाव होने पर ७० से ८० हजार किसानों के नहरी चुनाव में हिस्सा लेने की संभावना है। बताया जा रहा है कि भाखड़ा की द्वितीय खंड की सादुल ब्रांच की बीके १३१, १३२, एसटीजी में बीके १३३, एचएमएच में बीके १६५ से १६९, एफटीजी में बीके १७६, चंदूरवाली में बीके ६८, ६९, एमकेएस में बीके ७०, ७१, एफटीपी में बीके ७३, डीपीएम में बीके ७४, जीजीआर में बीके १५५ व १५७, एसएलडब्ल्यू में बीके १६०, केएसपी में १६१ से १६४, एसबीएन में बीके १७३, केएचआर में बीके १७४ से १७५, एसटीजी में बीके १३४ से १४१, पीबीएन में बीके १४२ से १५४ तक की नहरों में चुनाव प्रस्तावित हैं। विभाग स्तर पर कार्यालय में अधिशासी अभियंता की कुर्सी भरने के बाद ही चुनाव की प्रक्रिया भी आगे चलेगी। सेकंड डिविजन में एक्सईएन का चार्ज देने या किसी अन्य को लगाने को लेकर जब एसई लखपतराय मेहरड़ा से संपर्क किया गया तो उन्होंने यही कहा कि इस कुर्सी पर किसी को लगाने की सूचना उनके पास नहीं हैं।