
-इंदिरागांधी मुख्य नहर में मरम्मत कार्य शुरू करने को लेकर पंजाब ने नहरबंदी की स्थिति की साफ
हनुमानगढ़. पंजाब सरकार ने इंदिरागांधी मुख्य नहर में बंदी की स्थिति साफ कर दी है। इस संबंध में बुधवार को दिनभर राजस्थान और पंजाब के अधिकारियों के बीच वार्तालाप का दौर चला। इस दौरान पंजाब ने कम तैयारी होने के चलते इस बार केवल ३० दिन की बंदी रखने पर सहमति दी है। हालांकि राजस्थान 70 दिन की बंदी देने को तैयार था। लेकिन पंजाब में बड़े क्षेत्र में मरम्मत करवाने को लेकर निर्माण कंपनियों ने रुचि नहीं दिखाई। इसलिए अबकी बार कुल ३३ आरडी में ही बंदी अवधि में मरम्मत कार्य शुरू हो सकेगा। इस बंदी में पंजाब करीब 100 करोड़ रुपए के निर्माण करवाएगा। जल संसाधन उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता केएल जाखड़ ने बताया कि इंदिरागांधी मुख्य नहर पंजाब भाग में आरडी ४६३ से ४९६ तक मरम्मत कार्य प्रस्तावित है। अबकी बार २५ मार्च से नहरबंदी शुरू होने पर ३३ आरडी में काम शुरू हो सकेगा। जल संसाधन उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता जाखड़ ने बताया कि केंद्र सरकार स्तर पर पंजाब भाग के लिए २००० करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। इसलिए राजस्थान ने इस बार ७० दिन की बंदी का प्रस्ताव पंजाब को भिजवाया था। जिस पर काफी विचार के बाद अब पंजाब ने केवल तीस दिन की बंदी को मंजूरी दी है। राजस्थान भाग में नेशनल डवलपमेंट बैंक के वित्तीय सहयोग से नहर पुनरोद्धार कार्य होगा। प्रोजेक्ट के अनुसार वर्ष २०१९, २०२० व २०२१ तक सभी कार्य पूर्ण करने हैं। इसलिए विभाग स्तर पर लंबी नहरबंदी प्रस्तावित की गई थी। हालांकि इस बार तो पंजाब ने तीस दिन की बंदी ही मंजूर की है लेकिन अगली बार यदि 70 दिन की बंदी मंजूर नहीं की तो तय समय में मुख्य नहरों के मरम्मत का कार्य पूर्ण नहीं हो सकेगा। इंदिरागांधी नहर से हनुमानगढ़ के अलावा श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर, नागौर, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, झुंझुंनू, सीकर आदि जिलों को जलापूर्ति होती है। इस नहर का रेग्यूलेशन इस सीजन में 21 मार्च तक मंजूर किया गया है। इसके बाद नहरों में पेयजल भंडारण का कार्य पूर्ण करवाकर 25 मार्च से नहरबंदी कर दी जाएगी। इस अवधि में पंजाब और राजस्थान भाग दोनों में एक साथ मरम्मत कार्य चलेंगे।