हनुमानगढ़

ब्याह का झांसा देकर लड़की को जेवरात सहित बुलाया, राजस्थान से बाहर ले जाकर बलात्कार

उसके परिजनों को नशीला पदार्थ खिलाकर उसे राज्य से बाहर ले गया और कई दिनों तक बलात्कार किया। युवक को दोषी करार देते हुए दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई।
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On The Pretext Of Marriage, Raped By Taking Her Out Of Rajasthan

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क

ब्याह का झांसा देकर नाबालिग को बहलाकर जेवरात सहित बुलाया। उसके परिजनों को नशीला पदार्थ खिलाकर उसे राज्य से बाहर ले गया और कई दिनों तक बलात्कार किया। भादरा थाने के वर्ष 2017 के इस प्रकरण में शनिवार को विशिष्ट न्यायाधीश मदनगोपाल आर्य ने एक युवक को दोषी करार देते हुए दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई।

साथ ही उस पर एक लाख दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया जो अदा नहीं करने पर दोषी युवक को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। राज्य की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक विनोद कुमार डूडी ने पैरवी की। प्रकरण के अनुसार सात अक्टूबर 2017 को 17 वर्षीय पीड़िता के पिता ने भादरा थाने में रिपोर्ट दी कि शरीफ (21) पुत्र रिजाक उर्फ रज्जाक निवासी भादरा उसकी पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया।

आरोपी के कहने से उसकी पुत्री घर से पचास हजार रुपए नकद व सोने-चांदी के जेवरात भी साथ ले गई। आरोपी युवक ने पूरे परिवार को भोजन में नशीला पदार्थ खिलवा दिया ताकि उसे कोई रोके नहीं। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी शरीफ उसे शादी का झांसा देकर 27 सितम्बर 2017 को बस में बिठाकर भादरा से दिल्ली ले गया। वहां एक दिन होटल में रुके। इसके बाद अंकोला, महाराष्ट्र ले गया तथा वहां सात-आठ दिन रहे। आरोपी ने उससे कई बार बलात्कार किया। फिर पुलिस ने उसे दस्तयाब किया तथा भादरा लेकर आई।

(हनुमानगढ़ में पुलिस की गिरफ्त में दुष्कर्म का आरोपी)

पुलिस ने आरोपों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की। अनुसंधान के बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने एक गवाह पेश किया तथा दो दस्तावेज प्रदर्शित करवाए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आईपीसी की धारा 457 में पांच साल, धारा 363 में तीन साल, धारा 366 में सात साल व 376(2)(एन) तथा 5 एल/6 पोक्सो एक्ट में दस साल की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

हालात चिंताजनक, चिंतन बेहद जरूरी:
पोक्सो एक्ट में मामलों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। पोक्सो एक्ट के तहत अपराध के लिए निरंतर कड़ी सजा भी सुनाई जा रही है। फिर भी लोग इससे सीख नहीं ले रहे हैं। यह स्थिति बहुत चिंताजनक है। इस पर सामाजिक स्तर पर चिंतन की जरूरत है। पोक्सो एक्ट व इसके तहत सजा के प्रावधानों के संबंध में युवाओं को बतानी की आवश्यकता है।
विनोद कुमार डूडी, विशिष्ट लोक अभियोजक, हनुमानगढ़

Updated on:
07 Aug 2022 03:45 pm
Published on:
07 Aug 2022 03:45 pm