
पल्लू. तहसील क्षेत्र के बरमसर गांव में रविवार शाम को लगभग साढ़े तीन बजे मेगा हाइवे पर स्थित सिंचाई डिग्गी पर रेवड़ को पानी पिला रहे चरवाहे का पैर फिसल गया और वह उसमें गिर गया। उसको बचाने के लिए उसके तीन भाई भी डिग्गी में कूद गए। इस दौरान तीन डिग्गी में डूब गए व एक बालक रामचन्द्र पुत्र सीताराम किसी तरह डिग्गी में डाली हुई पाइप को पकड़ कर बाहर निकल आया। उसने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान व पास में स्थित गांव के लोग उनको निकालने के लिए डिग्गी पर पहुंचे।
स्थानीय ग्रामीणों व किसानों द्वारा धन्नासर चौकी प्रभारी सहीराम को बच्चों के डिग्गी में डूबने की सूचना दी गई। धन्नासर पुलिस चौकी प्रभारी सहीराम पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय ग्रामीणों व पुलिस जवानों के सहयोग से तीनों को बाहर निकाला। एम्बुलेंस से तीनों को तुरंत रावतसर ट्रोमा सेंटर लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव के किसान श्योनारायण, सीताराम व पालगर गोस्वामी के चारों बच्चे रेवड़ चराने गए थे। शाम को गांव के पास स्थित सिंचाई डिग्गी में रेवड़ को पानी पिला रहे थे तभी उनमें से एक का पैर फिसल गया। जिससे वो डिग्गी में डूबने लगा। अपने भाई को डिग्गी में डूबते देख बाहर खड़े तीनों भाई भी डिग्गी में उसको बचाने के लिए कूद गए। चारों को तैरना नहीं आता था।
उनमें से एक बच्चा रामचन्द्र पुत्र सीताराम किसी तरह से पाइप को पकड़ कर बाहर निकल गया व तीन बजरंग (19) पुत्र श्योनारायण गोस्वामी, सुनील (14) पुत्र पालगर गोस्वामी व कंवर पाल (15) पुत्र श्योनारायण की डिग्गी में डूबने से मौत हो गई। मौके पर रावतसर थाना प्रभारी अजय कुमार व वृताधिकारी विक्रम चौहान भी पहुंचे। ट्रोमा सेंटर रावतसर पर जिला पुलिस अधीक्षक बी आदित्य भी बरमसर गांव की डिग्गी में तीन बच्चों की डूबने से मौत होने की सूचना पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में तीनों का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। घटना की जांच रावतसर थाना प्रभारी अजय कुमार द्वारा की जा रही हैं।
ग्रामीण जवाहर लाल सिहाग ने बताया कि सुनील कुमार अपनी सात बहनों का इकलौता भाई था जो रविवार को डिग्गी में डूब गया। वहीं बजरंग व कंवर पाल तीन बहनों के दो भाई थे। दोनों ही डिग्गी में डूब गए। दोनों परिवारों पर रविवार कहर बनकर आया और घर में हंसती-खेलती किलकारियों को छीन कर ले गया। दोनों परिवारों में अपने पुत्रों को खोने के कारण मातम का पहाड़ टूट पड़ा, वहीं पूरे गांव में मातम पसरा गया और किसी के भी आंसू नहीं थम रहे हैं।