हनुमानगढ़

मछलियां मरी तो पानी का रंग देखकर मुंह से निकली आह!

नहर व वितरिकाओं में आया प्रदूषित पानी रोके सरकार

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fishes
fish death in water

संगरिया. ‘पानी दा रंग वेख के अंखिया च अंजु..’ शीर्षक गाना नहर व वितरिकाओं में गहरे भूरे व काले रंग के पानी को देखकर स्वत: लोगों के चेहरों ने बयां कर दिया। ग्रामीणोंं गोरासिंह अक्कू, ओम बावरी, कानाराम, रघुवीरसिंह ने आरोप लगाया कि पानी से मछलियां मर रही हैं। ऐसा प्रदूषित पानी पीने से अनेकों बीमारियां हो जाएंगी। सरकार को केवल गद्दी की चिंता है।

रासायनिक पदार्थयुक्त ऐसे दूषित पानी को रोकने की खातिर कुछ नहीं कर रही। किसान नेता ज्ञानप्रकाश गोदारा, शराबबंदी मिशन संयोजक विक्रमसिंह कलहरि, महेंद्रसिंह रामगढिय़ा, खेताराम फगोडिय़ा, भगतसिंह क्लब ढाबां अध्यक्ष दारासिंह गिल व अन्य ने प्रधानमंत्री, सीएम व कलक्टर को ज्ञापन भेजकर दूषित पानी रोकने की मांग उठाई।

वाहनों के काटे चालान, मोबाइल आटा चक्की सीज़
संगरिया. परिवहन विभाग ने अभियान चलाते हुए कई वाहनों के चालान काटे वहीं एक मोहल्ले में चल रही मोबाइल आटा चक्की को सीज़ किया है। एचएम रामचंद्र ने बताया कि परिवहन निरीक्षक सुरेश बिश्रोई के नेतृत्व में टीम ने आठ वाहनों का चालान किया। जिनमें ज्यादा सवारियों भरी होने पर एक बस भी शामिल है।

वार्ड एक में सुशीलकुमार को ट्रेक्टर पर मोबाइल आटा चक्की लगाकर चलाते हुए मौके से पकड़ा और परिवहन नियमों के तहत सीज़ कर दिया। बताया कि बिना नंबर व दूसरी प्लेट लगाकर वाहनों के संचालित होने की शिकायत मिलने पर विशेष सघन अभियान लगातार चालू रहेगा।

पंचायत समिति में २२वें दिन कार्मिकों की हड़ताल जारी
संगरिया. पंचायत समिति कार्यालय में महानरेगा कर्मचारी संघ बैनर तले २२वें दिन बुधवार को कार्मिक सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल पर डटे रहे। उन्होंने पंचायती राज विभाग कनिष्ठ लिपिक भर्ती व अधीनस्थ भर्ती 2013 संपूर्ण पदों पर करने की मांग लेकर धरना-प्रदर्शन किया। संविदाकर्मियों ने मांगों के निराकरण के लिए सीएम, एसडीएम व बीडीओ को ज्ञापन भेजे। मांग पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रखने की बात कही। हड़ताल के कारण दफ्तर सूने व काम ठप रहे।

Published on:
24 May 2018 02:17 pm