
राजस्थान की राजनीति में अमूमन एक-दूसरे के खिलाफ तलवारें खींचने वाले दल जब हाथ मिला लें, तो समझ जाइए कि मामला असाधारण और गंभीर है। ऐसा ही एक दुर्लभ और 'अजब-गजब' नजारा सोमवार को हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर देखने को मिला। दरअसल, पीलीबंगा थानाधिकारी राय सिंह के खिलाफ निष्पक्ष जांच कराने और उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग को लेकर परस्पर विरोधी विचारधारा वाले दल- भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) के शीर्ष पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर एसपी कार्यालय पहुंच गए।
पूरा विवाद 2 अगस्त की शाम का है। पीलीबंगा अस्पताल के पास थानाधिकारी राय सिंह ने पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं प्रमुख भाजपा नेता दीपक धारणिया के वाहन को रुकवाकर तलाशी ली और आरोप है कि इस दौरान उनके साथ सार्वजनिक स्थान पर अभद्र व्यवहार किया गया।
घटना के वक्त दीपक धारणिया और उनके साथी एक सामाजिक कार्यक्रम से लौट रहे थे, जिसमें हरियाणा के पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई और विधायक रणधीर पनिहार सहित बिश्नोई समाज की कई प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद थीं।
सर्वसमाज और राजनेताओं का आरोप है कि थानाधिकारी ने बिना किसी वाजिब वजह के सार्वजनिक स्थान पर चेकिंग के नाम पर दीपक धारणिया का अपमान किया, जिससे उनकी और समाज की छवि को गहरी ठेस पहुंची है।
बता दें कि वर्तमान में दीपक धारणिया भाखड़ा नहर प्रोजेक्ट के चेयरमैन होने के साथ-साथ प्रसिद्ध मंदिर कमेटी के अध्यक्ष भी हैं।
सोमवार को पुलिस अधीक्षक (SP) के नाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (HQ) अरविंद बिश्नोई को ज्ञापन सौंपने के दौरान जो नजारा दिखा, उसने पुलिस महकमे के भी होश उड़ा दिए। जिन नेताओं को मंचों से एक-दूसरे के खिलाफ आग उगलते देखा जाता था, वे सभी एक ही सुर में थानाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
तीनों प्रमुख राजनीतिक दलों BJP, कांग्रेस और CPM के जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों ने एकजुट होकर एसपी अरविंद बिश्नोई को ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि थानाधिकारी पर तुरंत गाज नहीं गिरी, तो बिश्नोई समाज और सर्व समाज मिलकर 6 अगस्त से थाना परिसर के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेगा।
इस दुर्लभ राजनीतिक लामबंदी के दौरान जिले के प्रमुख चेहरे मौजूद रहे।
भाजपा से: जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, आशीष पारीक, सीताराम बिश्नोई, पटेल मंडा, सतपाल धारणिया।
कांग्रेस से: वरिष्ठ नेता सुभाष गोदारा, राजपाल पूनिया, एडवोकेट राकेश डेलू।
माकपा (CPM) से: वरिष्ठ नेता गोपाल बिश्नोई, अरविंद लखासर।
अन्य प्रतिनिधि: शोभित बेनीवाल, अनिल गोदारा, रविंद्र बिश्नोई, भीमसेन बिश्नोई, विशिष्ट लोक अभियोजक कमलेश भादू और विजय कौशिक आदि।
एक थानाधिकारी को हटाने के लिए जिले के पूरे राजनीतिक स्पेक्ट्रम का इस तरह एक साथ आना राजस्थान पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी सिरदर्दी बन गया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस आलाधिकारी 6 अगस्त से पहले इस पर क्या कड़ा कदम उठाते हैं, या फिर पीलीबंगा थाना परिसर के बाहर राज्य का एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन आकार लेता है।