हनुमानगढ़

बेटी को भगाने में सहयोग करने का भांजे पर था शक, हत्या कर संस्कार करवा दिया

हनुमानगढ़. घर से बेटी को भगाने में सहयोग करने के संदेह में दो मामाओं ने सगे भांजे की हत्या कर दी। फिर खुद ही उसका दाह संस्कार भी करवा दिया। मृतक के परिवार को आकस्मिक मौत की सूचना दाह संस्कार कराने के बाद दी। टाउन थाने में 23 सितम्बर को दर्ज कराए गए हत्या के इस मामले का पुलिस ने सोमवार को खुलासा करते हुए यह जानकारी दी।
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Updated: 27 Sep 2021, 10:20 PM IST
बेटी को भगाने में सहयोग करने का भांजे पर था शक, हत्या कर संस्कार करवा दिया
बेटी को भगाने में सहयोग करने का भांजे पर था शक, हत्या कर संस्कार करवा दिया

बेटी को भगाने में सहयोग करने का भांजे पर था शक, हत्या कर संस्कार करवा दिया
- हत्या के आरोप में मृतक के दो मामा गिरफ्तार
- 23 सितम्बर को दर्ज कराया गया था मामला
हनुमानगढ़. घर से बेटी को भगाने में सहयोग करने के संदेह में दो मामाओं ने सगे भांजे की हत्या कर दी। फिर खुद ही उसका दाह संस्कार भी करवा दिया। मृतक के परिवार को आकस्मिक मौत की सूचना दाह संस्कार कराने के बाद दी। टाउन थाने में 23 सितम्बर को दर्ज कराए गए हत्या के इस मामले का पुलिस ने सोमवार को खुलासा करते हुए यह जानकारी दी। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक के दो मामाओं को गिरफ्तार किया है। दोनों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
टाउन थाना प्रभारी दिनेश सारण ने बताया कि हत्या के आरोप में देवेन्द्र सिंह (54) पुत्र दर्शनसिंह कम्बोज व उसके भाई काला सिंह (44) दोनों निवासी वार्ड चार, अमरपुरा थेहड़ी पीएस टाउन को गिरफ्तार किया है। दोनों को रिमांड पर लेकर वारदात में अन्य लोगों की संलिप्तता को लेकर पूछताछ की जाएगी। थाना प्रभारी सारण ने बताया कि हत्या कर दाह संस्कार कराने का मामला दर्ज होने के बाद प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसपी प्रीति जैन पुलिस, एएसपी जस्साराम बोस व डीएसपी प्रशांत कौशिक के निर्देशन में जांच-पड़ताल शुरू की। घटना स्थल का मुआयना कर साक्ष्य एकत्रित किए गए। एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीम गठित की गई। आरोपियों के मोबाइल फोन डिटेल आदि के आधार पर देवेन्द्र सिंह व काला सिंह को गिरफ्तार किया।
क्या था मामला
पुलिस के अनुसार 23 सितम्बर को गुरदयाल सिंह पुत्र गुरचरण सिंह निवासी हाऊसिंग बोर्ड, जंक्शन ने हत्या का मामला दर्ज कराया था। उसने रिपोर्ट दी थी कि उसके साले देवेन्द्र सिंह व काला सिंह 22 सितम्बर को उसके पुत्र हरविन्द्र सिंह को अपने साथ अमरपुरा थेहड़ी ले गए। वहां देवेन्द्र, काला व साढू तथा 10-15 अन्य ने 22 सितम्बर की रात हरविन्द्र सिंह की हत्या कर दी। उसके बाद सुबह जल्दी ही दाह संस्कार भी करवा दिया। घटना के बाद से ही मृतक के मामा के परिवार के सभी लोग फरार हो गए थे। पुलिस ने कई जगह दबिश देकर उनको हिरासत में लिया तथा पूछताछ की। पहले यह प्रकरण सम्पत्ति विवाद से जोड़कर देखा जा रहा था। मगर बाद में लड़की को भगाने का संदेह वारदात का तत्कालिक कारण होना सामने आया।

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