अश्लील वीडियो बनाकर किशोरी को करता था ब्लैकमेल
वर्ष 2020 के गोगामेड़ी थाने के प्रकरण में विशिष्ट न्यायालय पोक्सो ने सुनाया फैसला
हनुमानगढ़. विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो प्रकरण मदनगोपाल आर्य ने सोमवार को किशोरी से बलात्कार के मामले में एक युवक को दोषी करार दिया। न्यायालय ने दोषी को 20 साल कारावास व एक लाख 55 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। राज्य की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक विनोद कुमार डूडी ने पैरवी की।
प्रकरण के अनुसार 28 नवम्बर 2020 को गोगामेड़ी थाने में पीडि़ता के पिता ने अपहरण व बलात्कार का मामला दर्ज कराया था। पुलिस को रिपोर्ट दी थी कि उसकी साढ़े 13 वर्षीय पुत्री 27 नवम्बर को कचरा डालने के लिए घर से बाहर गई। वहां से आरोपी अरुण उर्फ हारून पुत्र सुभाष उर्फ सुभान निवासी गांव दिनोद, भिवानी हरियाणा पुत्री को जबरन कार में डालकर ले गया। पहले आरोपी उसकी पुत्री को भादरा ले गया तथा बाद में चूरू जिले के राजगढ़ के पास स्थित गांव नरहड़ पीर ले गया। वहां पर आरोपी ने उसे सात दिन रखा तथा बलात्कार किया। बाद में परिजनों और पुलिस ने नरहड़ पीर क्षेत्र से पीडि़ता को दस्तयाब किया तथा उसे भादरा लेकर आए। पीडि़ता के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने युवक के खिलाफ आईपीसी की धाराओं तथा पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया। उसके बाद जांच कर उसके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने 33 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए तथा एक गवाह परीक्षित करवाया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को आईपीसी की धारा 363, 366 तथा पोक्सो एक्ट में दोषी माना। उसको अलग-अलग धाराओं में तीन, सात और 20 साल कारावास तथा कुल एक लाख 55 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
पीडि़ता के पिता ने पुलिस को बताया कि आरोपी उनके पड़ोस में फर्नीचर की दुकान पर काम करता था। इस दौरान जब उसकी पुत्री बाहर जाती तो आरोपी पीछा करता। आरोपी ने पुत्री की अश्लील वीडियो बना ली थी जिसे वायरल करने की धमकी देकर वह पीडि़ता को ब्लैकमेल करता था।