आवारा पशु खेतों में नुकसान कर रहे, किसान कर रहे मुआवजे की मांग।
हाथरस। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करेंगे। किसानों का कहना है कि जब फसलों को आवारा पशु चट कर रहे हैं, तो आय दोगुनी कैसे होगी। कृषि अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया जा रहा है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। सासनी के गांव सीकुर में यही हाल है। आवारा पशुओं से परेशान ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया।
मेहनत पर पानी फिर रहा
गांव सीकुर के ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उत्तर प्रदेश तथा केन्द्र सरकार का भी ध्यान इस ओर नहीं है। आवारा पशुओं के कारण किसानों की सारी मेहनत पर पानी फिर जाता है। यह पशु खेतों को ही अपना बैठने का स्थान तथा विचरने के लिए प्रयोग में लाते हैं। इससे खेतों में खडी फसलें टूट जाती है। बची फसलों को यह पशु खा जाते है। यदि कोई किसान इन पशुओं को खेतों से भगाने का प्रयास करे तो यह पशु एकजुट होकर किसान के ऊपर हमला कर देते हैं। पशुओं के हमले से कई किसान घायल भी हो चुके हैं। कुछ किसानों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है।
प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन
ग्रामीणों ने प्रशासन को निशाना बनाते हुए कहा कि कई बार मौखिक और लिखित रूप में शिकायत करने के बाद भी प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। सरकार भी चप्पी साधे हुए है। किसानों ने प्रशासन और सरकारों के खिलाफ आक्रोश जताते हुए गांव में प्रदर्शन किया। जमकर नारेबाजी की। खेतों में विचरने वाले आवारा पशुओं को पकड़ने के साथ-साथ मुआवजे की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में दिनेश सेंगर, फिरोज खान, गजेन्द्र सिंह, राजपाल सिंह, लाल सिंह, मुनेश कुमार, लोटन सिंह, अशोक कुमार, देवेश कुमार, कृष्ण कुमार, प्रभात कुमार, चंद्रभान सिंह लल्लू सिंह, निसार खां, जफरूद्दीन खां आदि मौजूद थे।
गौशाला बनाई जा रहीः एसडीएम
सासनी की उप जिलाधिकारी (एसडीएम) अंजुम बी ने बताया कि किसानों का हित सरकार की प्राथमिकता है। हाल ही में हमने कदम उठाए हैं कि किसानों के होने वाले नुकसान को बचाया जा सके। इसके लिए तहसील और समाजसेवियों की ओर से आगरा-अलीगढ़ राजमार्ग स्थित गांव बरसे के निकट सीमेक्स स्कूल के पास एक गौशाला का निर्माण करया जा रहा है, जिसमें इन आवारा पशुओं को रखा जाएगा। इससे आवारा पशुओं का भरण पोषण होगा और किसानों के होने वाले नुकसान को बचाया जा सकेगा।