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हाथरस में सनसनी: खुद को मृत साबित करने के लिए बर्खास्त सिपाही ने भिखारी को जिंदा जलाया, गिरफ्तार

Beggar burnt alive: हाथरस में बर्खास्त सिपाही ने अपने को मृत घोषित करने के लिए भिखारी को जिंदा जला दिया। लेकिन उसकी यह योजना सफल नहीं हुई। पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ‌

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फोटो सोर्स- पत्रिका

फोटो सोर्स- पत्रिका

Sensation in Hathras: हाथरस में हत्या के आरोप में बर्खास्त सिपाही ने खुद को मृत घोषित करने के लिए एक भिखारी को जिंदा जला दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। उसने शव के पास अपना आधार कार्ड, मोबाइल आदि रख दिया था। लेकिन इस दौरान सिपाही भी झुलस गया। हाथरस के अस्पताल में चुपचाप अपना इलाज कराता रहा, लेकिन स्थिति गभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। इधर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सिपाही को मृत मान लिया। लेकिन स्टेशन से एक भिखारी के गायब होने की जानकारी नई घटना का बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने अपने जांच का दायरा बढ़ाया। मामला हाथरस रेलवे स्टेशन के पास का है।‌

12 मार्च को हुई थी जलकर मौत

उत्तर प्रदेश के हाथरस के रेलवे स्टेशन के पास 12 मार्च को एक व्यक्ति की आग से जलकर मौत हो गई थी। शव के पास रामवीर सिंह का आधार कार्ड, मोबाइल फोन आदि प्रमाणित हुआ। आधार कार्ड के आधार पर जीआरपी ने मृतक की पहचान की और शव को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम कर दिया। इसी बीच पुलिस को जानकारी मिली कि स्टेशन से एक भिखारी गायब है।

खौफनाक साजिश का हुआ खुलासा

जांच आगे बढ़ी तो रामवीर सिंह की खौफनाक साजिश का खुलासा हुआ। इस संबंध में जीआरपी प्रभारी सुयश सिंह ने बताया कि रामवीर सिंह के खिलाफ तेरह मुकदमे दर्ज हैं, जिसे बर्खास्त कर दिया गया था। बर्खास्तगी के बाद से ही रामवीर सिंह फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के लिए पुलिस उसके पीछे पड़ी थी। पुलिस की सक्रियता को देखकर रामवीर सिंह ने साजिश रची और अपने को मृत घोषित करने की प्लानिंग में लग गया। हाथरस रेलवे स्टेशन पर उसे अपनी तरह का एक भिखारी दिखाई पड़ा।

12 मार्च को घटना को दिया अंजाम

12 मार्च को उसने भिखारी के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी और मौके पर अपना मोबाइल और आधार कार्ड छोड़ दिया। भिखारी को जिंदा जलाते समय खुद भी गंभीर रूप से जल गया। शुरुआत में मेडिकल स्टोर से दवा लेकर उपचार करता रहा। लेकिन दर्द असहनीय होने के कारण हाथरस जिला अस्पताल में भर्ती हो गया, जहां उसने अपना नाम रामवीर सिंह ही लिखवाया। जिला अस्पताल में रामवीर सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज सैफई रेफर कर दिया गया।

भिखारी के गायब होने की खबर से पुलिस हुई सतर्क

इधर जीआरपी को एक भिखारी के गायब होने की खबर मिली। जीआरपी पुलिस ने जानकारी की तो पता चला कि भिखारी अपना स्थान छोड़कर कहीं नहीं जाता था। इस पर जीआरपी पुलिस ने रामवीर सिंह के घर वालों से संपर्क किया। जीआरपी के विषय में सूचना मिली कि रामवीर सिंह नाम का एक व्यक्ति झुलसने के कारण जिला अस्पताल में उपचार के लिए आया था, जिसे सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। जीआरपी प्रभारी सुयश सिंह ने बताया रामवीर सिंह को मेडिकल कॉलेज से डिस्चार्ज करने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

कौन है रामवीर सिंह?

जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि रामवीर सिंह के खिलाफ 13 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें 2012 से 13 के बीच फिरोजाबाद, मुरादाबाद, अलीगढ़, मैनपुरी, बांदा और कानपुर देहात में 2012 से 13 के बीच के मामले शामिल हैं। फिरोजाबाद में हत्या के प्रयास का एक मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके ऊपर गैंगस्टर भी लगाया जा चुका है।‌