पिछले छह वर्षों से महाशिवरात्रि के मौके पर कांवड लेकर सादाबाद के शिवालय में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने जा रही हैं मंगलामुखी सपना।
हाथरस। मूलरूप से सादाबाद जनपद हाथरस की रहने वाली सपना के परिवार में यूं तो माता-पिता और दो भाई हैं, लेकिन फिर भी उन्हें अपना जीवन परिवार से दूर रहकर बिताना पड़ा। मंगलामुखी होने के कारण वे सादाबाद के किन्नरों के साथ रहती हैं। उन्होंने सादाबाद किन्नर समुदाय की मुखिया लता के सानिध्य में दीक्षा ली है। 24 वर्षीय सपना अपने भाई बहनों में सबसे बड़ी हैं और अन्य लोगों की तरह सामान्य जीवन जीने की चाहत रखती हैं। इसलिए वे जल्द से जल्द किन्नर जीवन से मुक्त होना चाहती हैं। यही कारण है कि पिछले छह वर्षों से वे भोलेनाथ को मनाने के लिए कठोर तप कर रही हैं।
100 किमी की पैदल यात्रा कर शिव का जलाभिषेक करती हैं
चूंकि महाशिवरात्रि का दिन बेहद शुभ और मनोकामना को पूर्ण करने वाला माना जाता है। इसलिए मंगलामुखी सपना किन्नर जीवन से मुक्ति की कामना को लेकर पिछले छह वर्षों से तप कर रही हैं। वे महाशिवरात्रि के मौके पर सादाबाद से अपने कंधे पर कांवड़ उठाए लहरा गंगाघाट जाती हैं और वहां से गंगाजल लेकर सादाबाद के शिवालय में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करती हैं। इस दौरान वे करीब 100 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय करती हैं।
महादेव पर रखती हैं अटूट विश्वास
सपना के मुताबिक महादेव से उनका बहुत पुराना नाता है। वे महादेव में अटूट विश्वास और आस्था रखती हैं। इसलिए हर रोज उनकी पूजा करती हैं और महाशिवरात्रि के दिन पिछले छह वर्षों से उन्हें गंगाजल अर्पित कर रही हैं। उनका यकीन है कि शिव जल्द ही उन्हें इस योनि से मुक्ति देंगे।