स्वास्थ्य

रिकॉर्ड टूटा! 2023 अब तक का सबसे गर्म साल, 2024 भी नहीं लाएगा राहत

ग्रेट ब्रिटेन के मौसम विभाग और ईस्ट एंग्लिया विश्वविद्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 2023 वैश्विक स्तर पर 1850 से शुरू हुए रिकॉर्ड में सबसे गर्म वर्ष साबित हुआ है।

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Jan 13, 2024
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2023 will be the hottest year till date 2024 will not bring relief

दुनियाभर में 2023 अब तक का सबसे गर्म साल बन गया है। यूके के मौसम विभाग और यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंग्लिया ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, औसत तापमान 1850 से शुरू हुए रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा पाया गया है।

पिछले 10 सालों से लगातार औसत तापमान औद्योगिक क्रांति से पहले के दौर (1850-1900) की तुलना में 1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। 2023 में ये आंकड़े और बढ़कर 1.46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गए, जो पिछले रिकॉर्ड साल 2016 से भी 0.17 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है।

मौसम विभाग के जलवायु निगरानी और अनुसंधान वैज्ञानिक डॉ. कॉलिन मॉरिस ने समझाया, "2023 को अब औपचारिक रूप से 174 साल के इतिहास में सबसे गर्म साल घोषित किया गया है। जून से महीनेवार भी रिकॉर्ड बने रहे हैं और महासागरों की सतह का तापमान अप्रैल से ही रिकॉर्ड ऊंचाइयों पर बना हुआ है।"

उन्होंने आगे कहा, "हर साल तापमान में बढ़ोतरी होती है और इस साल औद्योगिक क्रांति के बाद के औसत तापमान की तुलना में ये बढ़ोतरी लगभग 1.25 डिग्री सेल्सियस है। इसका कारण ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन के जरिए मानव-जनित जलवायु परिवर्तन है।"

लंबे समय के तापमान बढ़ोतरी के अलावा, साल के आखिरी हिस्से में एल निनो की स्थिति ने तापमान को और बढ़ाने में योगदान दिया। एल निनो प्रशांत महासागर के उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन का एक पैटर्न है, जो वैश्विक वातावरण को गर्म बनाता है और एक साल के औसत तापमान में 0.2 डिग्री सेल्सियस तक जोड़ सकता है।

यह ला नीना पैटर्न के उलट है, जिसने 2021 और 2022 में वैश्विक औसत तापमान को कम रखा था।

मौसम विभाग का अनुमान है कि 2024 के लिए वैश्विक तापमान 1.34 डिग्री सेल्सियस से 1.58 डिग्री सेल्सियस (औसत 1.46 डिग्री सेल्सियस) तक औद्योगिक क्रांति के औसत से ज्यादा रहेगा। ये लगातार 11वां साल होगा जब तापमान कम से कम 1 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहेगा।

25 साल पहले 1998 भी वैश्विक औसत तापमान का रिकॉर्ड साल था।

यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंग्लिया के क्लाइमेटिक रिसर्च यूनिट के प्रोफेसर टिम ओसबॉर्न ने कहा, "लेकिन पिछले साल का वैश्विक तापमान 1998 से 0.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था, जो इस बात का और सबूत है कि हमारा ग्रह औसतन हर दशक में 0.2 डिग्री सेल्सियस गर्म हो रहा है।"

उन्होंने आगे कहा, "मानव-जनित तापमान वृद्धि की वर्तमान दर पर, 2023 के रिकॉर्ड-ब्रेकिंग मान भविष्य के जलवायु अनुमानों की तुलना में ठंडे माने जाएंगे।"

दुनिया भर में लंबे समय से हो रहा तापमान का बढ़ना साफ है। 1980 के दशक से हर दशक पिछले वाले से ज्यादा गर्म रहा है।

(IANS)

Published on:
13 Jan 2024 02:17 pm