
हार्ट की प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)
Causes of Heart Disease: जब भी किसी व्यक्ति के अचानक गिरने या दिल की बीमारी की खबर आती है, तो लोग अक्सर हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और कार्डियक अरेस्ट को एक ही चीज समझ लेते हैं। जबकि मेडिकल साइंस के अनुसार ये तीनों अलग-अलग स्थितियां हैं, इनके कारण अलग होते हैं और इलाज भी अलग होता है।
मेयो क्लिनिक, नेशनल हार्ट, लंग, एंड ब्लड इंस्टीट्यूट (NHLBI) और अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के अनुसार, इन तीनों स्थितियों को समझना बेहद जरूरी है क्योंकि सही समय पर पहचान किसी की जान बचा सकती है।
हमारा दिल एक पंप की तरह काम करता है। यह पूरे शरीर में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों से भरपूर खून पहुंचाता है। दिल के ठीक से काम करने के लिए दो चीजें जरूरी है। पहली दिल की मांसपेशियों तक पर्याप्त रक्त पहुंचना और दूसरा दिल की धड़कन का सही लय (Rhythm) में चलना। जब इनमें से किसी भी प्रक्रिया में समस्या आती है, तो हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर या कार्डियक अरेस्ट जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
मायो क्लिनिक के अनुसार, हार्ट अटैक (Heart Attack) तब होता है जब दिल की मांसपेशियों तक खून पहुंचाने वाली धमनियों (Coronary Arteries) में रुकावट आ जाती है। जब दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो दिल की मांसपेशियों का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने लगता है।
नेशनल हार्ट, लंग, एंड ब्लड इंस्टीट्यूट (NHLBI) के अनुसार, हार्ट फेलियर (Heart Failure) का मतलब यह नहीं है कि दिल पूरी तरह बंद हो गया है। इसका अर्थ है कि दिल शरीर की जरूरत के अनुसार खून को प्रभावी ढंग से पंप नहीं कर पा रहा। यह एक धीरे-धीरे विकसित होने वाली स्थिति हो सकती है और कई बार वर्षों तक बनी रहती है।
हार्ट फेलियर एक क्रॉनिक बीमारी है, जिसका इलाज और प्रबंधन लंबे समय तक करना पड़ सकता है।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के अनुसार, कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) एक मेडिकल इमरजेंसी है। इस स्थिति में दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है या उसकी धड़कन इतनी अनियमित हो जाती है कि वह शरीर में खून नहीं पहुंचा पाता। कुछ ही सेकंड में व्यक्ति बेहोश हो सकता है और सांस लेना बंद कर सकता है।
हार्ट अटैक कभी-कभी दिल की विद्युत प्रणाली को प्रभावित कर सकता है, जिससे कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। हालांकि हर हार्ट अटैक कार्डियक अरेस्ट में नहीं बदलता और हर कार्डियक अरेस्ट की वजह हार्ट अटैक नहीं होती।
तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
11 Jun 2026 04:19 pm
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