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Global Fatty Liver Day 2026: क्यों बिना लक्षण सामने आए आती है फैटी लिवर की बीमारी? NLM ने बताए कारण

Global Fatty Liver Day 2026 पर जानिए क्यों फैटी लिवर को साइलेंट डिजीज कहा जाता है। Mayo Clinic, Cleveland Clinic और NCBI के अनुसार समझिए बिना लक्षण के कैसे बढ़ती है यह बीमारी।

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भारत

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Dimple Yadav

Jun 11, 2026

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फैटी लिवर की दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- chatgtp)

Global Fatty Liver Day 2026: आज लाखों लोग ऐसे हैं जिन्हें फैटी लिवर का पता तब चलता है, जब वे किसी और वजह से जांच करवाने जाते हैं। यही कारण है कि डॉक्टर इसे अक्सर साइलेंट डिजीज कहते हैं। Global Fatty Liver Day 2026 के मौके पर यह समझना जरूरी है कि आखिर ऐसी कौन-सी बीमारी है जो शरीर में चुपचाप बढ़ती रहती है और कई बार सालों तक कोई बड़ा संकेत भी नहीं देती।

आखिर फैटी लिवर होता क्या है?

हमारा लिवर शरीर का एक बेहद मेहनती अंग है। यह भोजन को ऊर्जा में बदलने, विषैले पदार्थों को बाहर निकालने और शरीर के कई जरूरी कार्यों को संभालने का काम करता है। मेयो क्लिनिक, क्लीवलैंड क्लिनिक और नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (NLM) के अनुसार, जब लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होने लगती है, तो उसे फैटी लिवर कहा जाता है। समस्या तब शुरू होती है जब यह जमा चर्बी धीरे-धीरे लिवर के सामान्य कामकाज को प्रभावित करने लगती है।

बिना लक्षण के कैसे बढ़ती रहती है बीमारी?

फैटी लिवर की सबसे बड़ी चुनौती यही है कि इसके शुरुआती चरण में शरीर अक्सर कोई अलार्म नहीं बजाता। Mayo Clinic के अनुसार, लिवर में चर्बी जमा होने के बावजूद व्यक्ति सामान्य महसूस कर सकता है। वह रोज ऑफिस जा सकता है, जिम कर सकता है और अपनी सामान्य जिंदगी जी सकता है। यही वजह है कि अधिकांश लोगों को इसका पता किसी रूटीन हेल्थ चेकअप, अल्ट्रासाउंड या ब्लड टेस्ट के दौरान ही चलता है।

क्या शरीर बिल्कुल कोई संकेत नहीं देता?

कुछ मामलों में शरीर छोटे-छोटे संकेत जरूर देता है, लेकिन लोग अक्सर उन्हें गंभीरता से नहीं लेते। Cleveland Clinic के अनुसार, इनमें शामिल हो सकते हैं:

  • हर समय थकान महसूस होना
  • शरीर में ऊर्जा की कमी
  • पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में हल्का भारीपन
  • काम में मन न लगना
  • कमजोरी महसूस होना

ये लक्षण कई दूसरी वजहों से भी हो सकते हैं, इसलिए लोग इन्हें तनाव, कम नींद या व्यस्त जीवनशैली का नतीजा मान लेते हैं।

शराब नहीं पीते, फिर भी कैसे हो सकता है फैटी लिवर?

यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है कि फैटी लिवर सिर्फ शराब पीने वालों को होता है। NCBI और Cleveland Clinic के अनुसार, आज फैटी लिवर के कई मामले उन लोगों में भी देखे जा रहे हैं जो शराब नहीं पीते।

किन लोगों में खतरा ज्यादा

  • पेट के आसपास चर्बी जमा हो
  • वजन ज्यादा हो
  • टाइप-2 डायबिटीज हो
  • कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ हो
  • दिनभर बैठकर काम करना पड़ता हो
  • शारीरिक गतिविधि कम हो

यानी आपकी रोजमर्रा की जीवनशैली भी लिवर की सेहत पर असर डाल सकती है।

क्या फैटी लिवर खतरनाक हो सकता है?

कुछ लोगों में फैटी लिवर आगे चलकर लिवर में सूजन, फाइब्रोसिस (Fibrosis), सिरोसिस (Cirrhosis) और गंभीर मामलों में लिवर फेलियर का कारण बन सकता है। हालांकि अच्छी बात यह है कि शुरुआती चरण में इसकी पहचान हो जाए तो जीवनशैली में बदलाव करके स्थिति में सुधार किया जा सकता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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