Brain Dead Man Sperm will fridge In Kerala : हरीश राणा की तरह एक केस केरल में सामने आया है। जहां एक पुरुष लंबे समय से ब्रेन डेड है। केरल हाईकोर्ट ने उसकी पत्नी की याचिका पर आदेश दिया है कि उसके स्पर्म को फ्रीज कराया जाए। आईवीएफ की जानकार (IVF Specialist) डॉ. रिचा भार्गव ने बताया कि ब्रेन डेड या मृत पुरुष के वीर्य को कैसे निकाला जाता है।
Brain Dead Man Sperm will fridge In Kerala : 13 साल से ब्रेन डेड हरीश राणा का केस आपने सुना होगा। जिसको लेकर सुप्रीम हाईकोर्ट ने पैसिव यूथेनिसा पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया। ऐसा ही एक मामला केरल से आया है। एक महिला का पति लंबे समय से आईसीयू में है, ब्रेन डेड होने के कारण उम्मीद ना के बराबर है। इसलिए, महिला की याचिका पर केरल उच्च न्यायालय ने स्पर्म को फ्रीज करने का आदेश दिया है। आईवीएफ की जानकार (IVF Specialist) डॉ. रिचा भार्गव ने पत्रिका के रवि कुमार गुप्ता के साथ बातचीत में बताया है कि ब्रेन डेड पुरुष का स्पर्म फ्रीज करने का क्या प्रोसेस है।
केरल के कोर्ट ने बुधवार को कोझिकोड के संबंधित अस्पताल को इस मामले में आदेश दिया है। फैसले के मुताबिक, एक मान्यता प्राप्त 'असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी' (ART) क्लिनिक के जरिए इस प्रोसेस को पूरा किया जाए।
याचिकाकर्ता महिला के मुताबिक, उसके पति को चिकन पॉक्स हो गया था। इसके दो हफ्ते बाद 'एक्सटेंसिव सेरेब्रल वीनस थ्रोम्बोसिस' (मस्तिष्क की नसों में थक्का जमना) के कारण समस्या बढ़ गई और वो ब्रेन डेड हो गया। महिला चाहती है कि परिवार को आगे बढ़ाया जा सके इसलिए, स्पर्म को फ्रीज करना जरूरी है।
डॉ. भार्गव के मुताबिक, ब्रेन डेड पुरुष या किसी पुरुष के मरने के कुछ घंटों तक स्पर्म को फ्रीज किया जा सकता है। हालांकि, ये पूरी बात व्यक्ति की शारीरिक स्थिति और स्पर्म की गुणवत्ता पर भी निर्भर करती है। इसके लिए कुछ जांच किए जाते हैं और फिर सर्जरी के जरिए प्रोसेस को अंजाम दिया जाता है-
यह सबसे आम तरीका है। इसमें मरीज के मलाशय (Rectum) के पास एक प्रोब (Probe) रखा जाता है। इसके जरिए प्रोस्टेट ग्रंथि के पास हल्की बिजली की तरंगें (Electric pulses) भेजी जाती हैं। यह नसों को उत्तेजित करता है जिससे वीर्य (Semen) बाहर निकल आता है, जिसे सुरक्षित एकत्रित किया जाता है।
यदि पहली विधि काम नहीं करती, तो डॉक्टर छोटी सर्जरी का सहारा लेते हैं। TESA/TESE के जरिए इसमें एक पतली सुई के जरिए सीधे अंडकोष (Testicles) से शुक्राणु निकाले जाते हैं। साथ ही MESA के जरिए अंडकोष के ऊपर स्थित 'एपिडि़डिमिस' (जहां स्पर्म स्टोर होते हैं) से तरल पदार्थ निकाला जाता है।
मरीज के मरने के तुरंत बाद या ब्रेन डेड होने पर, डॉक्टर एपिडिडिमिस को काटकर निकाल लेते हैं और फिर लैब में उससे जीवित शुक्राणु अलग किए जाते हैं।