स्वास्थ्य

Anthrax symptoms: गाय, भैंस, बकरियों से फैल रही ये जानलेवा बीमारी, हेल्थ मंत्रालय ने बताया लक्षण और बचाव का तरीका

Anthrax symptoms: एंथ्रेक्स (गिल्टी रोग) एक खतरनाक संक्रामक बीमारी है जो पशुओं से इंसानों में फैलती है। जानें एंथ्रेक्स के लक्षण, कारण, रोकथाम और बचाव के उपाय। समय पर पहचान और इलाज से जीवन बचाया जा सकता है।
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Aug 25, 2025
Anthrax symptoms
Anthrax symptoms (photo- freepik)

Anthrax symptoms: कई ऐसी बीमारियां हैं जो पशुओं से इंसानों में फैलती है। इन्हीं में एक हे एंथ्रेक्स जिसे हिंदी में गिल्टी रोग भी कहा जाता है। यह एक खतरनाक और संक्रामक बीमारी है। यह रोग मुख्य रूप से गाय, भैंस, बकरी और भेड़ जैसे पशुओं में पाया जाता है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह जानवरों से इंसानों में भी फैल सकता है। अगर समय रहते इसकी पहचान और रोकथाम न की जाए तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।

इंसानों में एंथ्रेक्स के लक्षण

जब यह बीमारी मनुष्यों को प्रभावित करती है तो कई तरह के लक्षण दिखाई देते हैं। शुरुआती दौर में रोगी की त्वचा पर खुजली वाले फोड़े और घाव उभरने लगते हैं। इसके साथ ही कंपकपी वाला बुखार, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द होता है। कुछ मामलों में खून की उल्टी या दस्त भी हो सकता है। रोगी को सांस लेने में तकलीफ, पेट दर्द और बेचैनी जैसी गंभीर समस्याएं देखने को मिलती हैं। इन लक्षणों को अनदेखा करना खतरनाक साबित हो सकता है।

पशुओं में एंथ्रेक्स के लक्षण

यह बीमारी पशुओं को अचानक प्रभावित करती है। कई बार तो पशु की अचानक मृत्यु हो जाती है। वहीं कुछ मामलों में नाक और मुंह से खून बहना शुरू हो जाता है। पशु धीरे-धीरे सुस्त पड़ने लगता है और उसका भोजन में मन नहीं लगता। यदि पशु पालक इन लक्षणों को समय पर पहचान लें तो बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है।

बीमारी से बचाव के उपाय

  • एंथ्रेक्स से बचाव के लिए सबसे जरूरी है सावधानी और जागरूकता।
  • यदि कोई पशु अचानक मर जाए तो उसे खुले में छोड़ने की बजाय गहरे गड्ढे में दफनाना चाहिए।
  • मृत पशु को छूते समय दस्ताने और मास्क का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है।
  • संक्रमित पशुओं का मांस और दूध सेवन करने से बचना चाहिए।
  • पशुओं को समय-समय पर टीकाकरण कराना ही इस बीमारी से सुरक्षा का सबसे प्रभावी तरीका है।

समय पर इलाज बेहद जरूरी

यदि किसी इंसान या पशु में एंथ्रेक्स के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सक या डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। सही समय पर इलाज से इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है।

Published on:
25 Aug 2025 05:47 pm