स्वास्थ्य

ARDS के कारण फेफड़ों में भरने लगता है पानी और रुकने लगती है सांस, मेयो क्लिनिक से जानिए इस बीमारी के बारे में

ARDS Symptoms: क्या आप जानते हैं कि ARDS होने पर फेफड़ों में पानी क्यों भरने लगता है? जानिए मेयो क्लिनिक के मुताबिक इस गंभीर बीमारी के 5 बड़े लक्षण और समय पर इलाज क्यों है जरूरी।
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Jul 10, 2026
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ARDS के कारण फेफड़ों में भरने लगता है पानी और रुकने लगती है सांस- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

ARDS Symptoms: सोचिए कि किसी इंसान को अचानक सांस लेने में इतनी तकलीफ होने लगे कि वह हवा के लिए तड़पने लगे। एनसीबीआइ के अनुसार, एक बहुत ही गंभीर स्थिति होती है जिसे ARDS (Acute Respiratory Distress Syndrome) कहा जाता है। मेयो क्लिनिक के मुताबिक, यह तब होता है जब किसी गंभीर बीमारी या चोट के कारण मरीज के फेफड़ों की छोटी-छोटी थैलियों में पानी (तरल पदार्थ) भरने लगता है। जब फेफड़ों में पानी भर जाता है, तो शरीर के बाकी हिस्सों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे जान पर बन आती है। आइए जानते हैं कि यह बीमारी क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे बचने के क्या उपाय हैं।

ARDS आखिर क्या है?

हमारे फेफड़ों के अंदर छोटी-छोटी हवा की थैलियां होती हैं, जिन्हें एल्विओली (Alveoli) कहते हैं। जब हम सांस लेते हैं, तो ये थैलियां ऑक्सीजन को हमारे खून में पहुंचाती हैं। लेकिन जब किसी इंसान को ARDS होता है, तो गंभीर इंफेक्शन या चोट की वजह से इन थैलियों की दीवारों से पानी रिसकर उनके अंदर भरने लगता है। अगर हवा की थैलियों में हवा की जगह पानी भर जाएगा, तो ऑक्सीजन खून तक कैसे पहुंचेगी? बस यही वजह है कि मरीज का दम घुटने लगता है और उसके अंग काम करना बंद करने लगते हैं।

ARDS के वो लक्षण, जिन्हें भूलकर भी न करें नजरअंदाज

  • मरीज को ऐसा लगता है कि वह चाहे जितनी कोशिश कर ले, उसके फेफड़ों में हवा जा ही नहीं रही है।
  • बहुत तेजी से और छोटी सांसें लेना।
  • ब्लड प्रेशर का एकदम गिर जाना।
  • अचानक भ्रम होना या बेहोशी।
  • त्वचा या होठों का नीला पड़ जाना।

ये नौबत क्यों आती है?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, ARDS अपने आप में कोई अकेली बीमारी नहीं है, बल्कि यह किसी दूसरी गंभीर समस्या का नतीजा होती है। इसके सबसे आम कारण ये हैं;

  • गंभीर इंफेक्शन (सेप्सिस)।
  • निमोनिया और फेफड़ों का गंभीर इंफेक्शन ।
  • हादसा या गहरी चोट।
  • धुआं या केमिकल अंदर खींच लेना।

इसका इलाज कैसे होता है?

यह एक बेहद गंभीर स्थिति है, इसलिए ARDS के मरीज का इलाज सिर्फ और सिर्फ अस्पताल के आईसीयू (ICU) में ही मुमकिन है। सबसे पहले डॉक्टर मरीज को वेंटिलेटर (सांस देने वाली मशीन) पर रखते हैं ताकि फेफड़ों पर दबाव कम हो और शरीर को जरूरी ऑक्सीजन मिलती रहे। इसके साथ ही, फेफड़ों से पानी सुखाने की दवाइयां और जिस मुख्य बीमारी (जैसे निमोनिया या इंफेक्शन) के कारण यह हुआ है, उसका इलाज शुरू किया जाता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
10 Jul 2026 09:00 am
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