स्वास्थ्य

Brain Powerful Painkiller: मस्तिष्क खुद भी बन जाता है पेनकिलर, ऐसे एक्टिवेट करें प्राकृतिक दर्दनिवारक

New Drug Jarnvax Approved to Block Pain Signals: अमरीका ने जर्नवक्स नाम की एक नई दवा को मंजूरी दी है, जो दर्द के संकेतों को मस्तिष्क तक पहुंचने से पहले ही रोक देती है। यह दवा ओपिओइड्स जैसी नशे की लत पैदा करने वाली दवाओं का बेहतर विकल्प बन सकती है।
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Updated: 25 Feb 2025, 9:51 AM IST
Brain Powerful Painkiller: New Drug Jarnvax Approved to Block Pain Signals
Brain Powerful Painkiller: New Drug Jarnvax Approved to Block Pain Signals

Brain Powerful Painkiller: हाल में, अमरीका ने जर्नवक्स नाम की एक नई दवा को मंजूरी दी है, जो दर्द के संकेतों को मस्तिष्क तक पहुंचने से पहले ही रोक देती है। यह दवा ओपिओइड्स जैसी नशे की लत पैदा करने वाली दवाओं का बेहतर विकल्प बन सकती है। इस बीच, कुछ शोध बताते हैं कि हम दर्द निवारक दवाओं के बिना ही अपने दर्द को स्विच ऑफ कर सकते हैं। शरीर की रक्षा प्रणाली का हिस्सा माना माने जाने वाला दर्द, मस्तिष्क की एक बनाई हुई अनुभूति है। जब शरीर को नुकसान प हुंचने का खतरा होता है तो त्वचा में मौजूद विशेष न्यूरॉन्स, जिन्हें नोसिसेप्टर्स कहा जाता है, मस्तिष्क तक संकेत भेजते हैं।

दर्द रोकने वाला मस्तिष्क का गुप्त बटन

मस्तिष्क के बीचोंबीच स्थित एक छोटा-सा क्षेत्र पेरियाक्वेडक्टल ग्रे (पीएजी) इस प्रक्रिया का मास्टरमाइंड है। यह क्षेत्र मस्तिष्क तक जाने वाले दर्द के संकेतों को रोकने में सक्षम है। इससे सैनिक खतरनाक परिस्थितियों में दर्द की अनुभूति को अस्थायी रूप से बंद कर पाते हैं, जिससे वे लड़ाई जारी रखने या सुरक्षित स्थान पर जाने में सक्षम हो जाते हैं। रोजमर्रा की जिंदगी में भी यह प्रक्रिया काम करती है। कभी-कभी जब आप गलती से गर्म बर्तन छू लेते हैं, तो आपका मस्तिष्क आपको इतनी देर तक दर्द महसूस नहीं होने देता कि आप बर्तन को जल्दी से हटा सकें।

ऐसे एक्टिवेट करें प्राकृतिक दर्दनिवारक : Brain Powerful Painkiller

वैज्ञानिकों के अनुसार, हमारे शरीर में पहले से ही प्राकृतिक पेनकिलर मौजूद हैं – एनकेफैलिन्स! ये मॉर्फीन जैसे दर्द निवारक की तरह काम करते हैं, लेकिन बिना किसी साइड इफेक्ट के।

एक्सरसाइज करें: दौड़ना, तैरना या योग करने से यह सिस्टम एक्टिव हो जाता है।

अच्छा खाना खाएं: स्वादिष्ट भोजन सिर्फ पेट ही नहीं, दिमाग को भी खुश करता है।

तनाव से दूर रहें: जितना कम कम तनाव लेंगे, दर्द का अहसास भी उतना ही कम होगा।

शौक को समय दें: अच्छा संगीत सुनें, पेंटिंग या अपनी पसंदीदा एक्टिविटी करें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
25 Feb 2025, 9:51 AM IST
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