Brisk walking health benefits : एक हालिया शोध में यह पता चला है कि किसी व्यक्ति की चलने की गति उसके स्वास्थ्य की स्थिति का संकेत दे सकती है। तेज चलना न केवल मोटापे से संबंधित मेटाबॉलिक बीमारियों को रोकने में मदद करता है।
Brisk walking health benefits : एक नए शोध से यह स्पष्ट हुआ है कि चलने की गति न केवल स्वास्थ्य का संकेत है, बल्कि मेटाबॉलिक बीमारियों से बचने का एक सशक्त माध्यम भी है। जापान के दोशीशा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने यह खुलासा किया कि तेज गति से चलना (Brisk walking) मोटापे (Obesity) से जुड़ी बीमारियों को रोकने में सहायक हो सकता है।
शोध के अनुसार, जो लोग धीमी गति से चलते हैं, उनमें हृदय रोग और मृत्यु दर का जोखिम अधिक होता है। इसके विपरीत, तेज चलने वाले व्यक्तियों में फिटनेस बेहतर पाई गई, और उनमें मधुमेह, उच्च रक्तचाप, तथा डिस्लिपिडेमिया का खतरा कम देखा गया।
तेज चलने (Brisk walking) से हृदय-श्वसन तंत्र मजबूत होता है। यह सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करता है, जो मेटाबॉलिक बीमारियों के मुख्य कारण हैं।
हृदय को स्वस्थ रखता है: तेज चलने से रक्त संचार बेहतर होता है।
सूजन में कमी: यह शरीर में सूजन को नियंत्रित करता है।
ऑक्सीडेटिव तनाव घटाता है: तेज गति से चलने से कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले कारक कम होते हैं।
शोध में 25,000 से अधिक मोटापे से ग्रस्त व्यक्तियों का अध्ययन किया गया।
तेज चलने वाले लोगों में मधुमेह का खतरा 30% तक कम पाया गया।
उच्च रक्तचाप और डिस्लिपिडेमिया का जोखिम भी कम हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेज गति से चलना एक आदत के रूप में अपनाया जा सकता है।
प्रोफेसर कोजिरो इशी कहते हैं, "यह व्यक्तिगत स्वास्थ्य सुधारने का सशक्त साधन है, खासकर मोटापे से ग्रस्त लोगों के लिए।"
सिर्फ चलना ही नहीं, बल्कि इसे नियमित करना भी महत्वपूर्ण है। दिन में 30-45 मिनट तेज चलने की आदत डालने से स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
तेज चलना एक सरल, सुलभ और प्रभावी उपाय है जो न केवल मोटापे बल्कि मेटाबॉलिक बीमारियों से भी बचाता है। यदि आप अपने जीवन को स्वस्थ और सक्रिय बनाना चाहते हैं, तो आज से ही अपनी चलने की गति को तेज करें।