ओमिक्रोंन क्या आपके साथ लंबे समय तक रह सकता है। या कितने दिनों तक इसका प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर रह सकता है । आज के इस आर्टिकल में इस विषय में आपको पूरी जानकारी दी जाएगी।
कोरोना के नए-नए वेब आए दिन हम सब को परेशान कर रहे हैं । इनमें से अब ओमिक्रोंन सभी के लिए समस्या बनता जा रहा है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको जानकारी देंगे कि ओमिक्रोंन का आप कैसे सामना कर सकते हैं। और यदि आपको यह हो जाए तो कितने दिनों तक आपको सावधानी बरतने की जरूरत है ।या यूं कहें ओमिक्रोंन कितने समय तक आपके साथ रह सकता है। और इसका असर आपकी जिंदगी पर कितने दिनों तक और किस प्रकार से पड़ेगा।
कब तक रहते हैं इसके लक्षण
ओमिक्रोन के लक्षण डेल्टा की तुलना में तेज गति से दिखाई देते हैं और इनका इनक्यूबेशन पीरियड भी कम होता है। वहीं ओमिक्रोन के मरीजों में संक्रमित होने के 2 दिनों के बाद ये लक्षण नजर आते हैं। जो कि शरीर में 5 दिनों तक रहते हैं। इस दौरान अगर आप मास्क लगाकर रखते हैं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हैं तो इस पर बहुत असर पड़ता है। वहीं बता दें डेल्टा की तुलना में ओमिक्रोन के लक्षण कम दिनों तक रहते हैं,खासतौर पर पहले हफ्ते में अगर लोग 5 दिनों के बाद टेस्ट में निगेटिव आते हैं तो इसका मतलब है कि 5 दिनों में ये लक्षण आकर चले गए।
शुरुवाती लक्षण क्या हैं
चिकित्सकों के मुताबिक ओमिक्रोन के शुरुआती लक्षणों में कमजोरी महसूस होना, नाक बहना, गले में खराश व सुगंध न आना आदि शामिल है। यदि ऐसा होता है तो इन लक्षणों को गंभीरता के साथ लें और तुरंत डाक्टर को दिखाए और उनकी सलाह लें। घर से बाहर निकलते वक्त हमेशा मास्क पहनकर ही निकलें। ज्यादा जरूरी होने पर घर से बाहर निकलें। भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। मेरठ में भी ओमिक्रोन ने दस्तक दे दी है।
कोविड के दौर में सर्दी-खांसी, गले में दर्द, खराश जैसी सामान्य बीमारियां भी टेंशन की जड़ बन गए है। एक्सपर्ट के मुताबिक ओमिक्रोन के लक्षण बहुत अधिक प्रभावी नहीं है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक यह डेल्टा वेरिएंट से कम घातक है। इसके लक्षण रात में बहुत पसीना आना, शरीर में ज्यादा दर्द का अनुभव होना ओमिक्रोन के संकेत हैं। ये सभी लक्षण ठंड के भी हो सकते हैं लेकिन लापरवाही नहीं बरतते हुए आरटी -पीसीआर जरूर कराएं।